विवादित भूमि पर निर्माण के विरोध में अधिवक्ता संघ सक्रिय, एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार
उतरौला (बलरामपुर), संवाददाता। न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद प्रस्तावित विद्यालय निर्माण को लेकर अधिवक्ता संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है। शुक्रवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और एसडीएम से मुलाकात कर विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोके जाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय के आदेश की अनदेखी कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए गंभीर विषय है।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रहलाद यादव एवं महामंत्री रवि शंकर मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे प्रकरण की जानकारी दी।
अधिवक्ताओं के अनुसार अधिवक्ता मनीष पांडे की भूमि उतरौला स्थित नार्मल स्कूल परिसर में स्थित है, जिस पर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद विद्यालय निर्माण के दौरान संबंधित भूमि के आसपास चूना डालकर चिन्हांकन किए जाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि गुरुवार को निर्माण कार्य के उद्देश्य से अधिवक्ता की भूमि पर भी सीमांकन करने का प्रयास किया गया, जबकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जानकारी होने पर अधिवक्ता संघ ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रशासन को अवगत कराया।
अधिवक्ताओं ने एसडीएम से मांग की कि जब तक न्यायालय का स्थगन आदेश प्रभावी है, तब तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न कराया जाए और आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम मनोज कुमार सरोज ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि निर्माण प्रस्तावित भूमि की विधिवत पैमाइश कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक अधिवक्ता की विवादित भूमि पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।
अधिवक्ता संघ महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने कहा कि यदि न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर अधिवक्ता के हितों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया तो अधिवक्ता आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान अखिलेश सिंह, मार्कण्डेय मिश्र, वीरेंद्र सिन्हा, रश्मि सिंह, निजाम अंसारी, बालमुकुंद, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अमित कुमार श्रीवास्तव, बृजेश वर्मा, मोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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