स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने हेतु जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न
हमीरपुर, संवाददाता। कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी संचालन, संसाधनों की उपलब्धता तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य रूप से विभागीय योजनाओं, जनसंख्या मानकों एवं लिंगानुपात में सुधार, स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा मानव संसाधनों के समुचित वितरण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें तथा प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जाए तथा प्रत्येक बच्चे की आवश्यक 12 प्रकार की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य जांच से वंचित न रहने पाए। आरबीएसके टीमों द्वारा प्रत्येक बच्चे की नियमित जांच एवं सैंपलिंग सुनिश्चित की जाए तथा कमजोर एवं कुपोषित बच्चों को तत्काल न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती कराया जाए। उन्होंने बच्चों के नियमित आवश्यक टीकाकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ संचालित किया जाए।
उन्होंने प्रत्येक पात्र परिवार को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में ई-कंसल्टेशन की सुविधा भी प्रारंभ की जाए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श आसानी से प्राप्त हो सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालयों को नियमित रूप से संचालित एवं स्वच्छ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में बनी रहनी चाहिए तथा चिकित्सकों द्वारा अधिक से अधिक जेनरिक मेडिसिन प्रिस्क्राइब की जाए। साथ ही लोगों को पोषण (न्यूट्रिशन) संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि बच्चों के लिए आवश्यक सेमिनार एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे अभिभावकों एवं आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
बैठक में झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाए तथा संबंधित विभाग नियमित अभियान चलाकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर तथा रोगग्रस्तता को कम करने हेतु विशेष प्रयास करने पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में संसाधनों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए आवश्यकतानुसार मानव संसाधनों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का संतुलित एवं प्राथमिकता आधारित विकास किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को संविदा एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियमानुसार विज्ञप्ति जारी कर प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त बजट का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि जनसामान्य को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गीतम सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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