तीसरे बड़े मंगल पर बैंक कर्मियों ने किया श्रद्धालुओं का स्वागत, दिनभर चला भंडारा
उतरौला (बलरामपुर), संवाददाता। ज्येष्ठ माह के तीसरे बड़े मंगल के पावन अवसर पर उतरौला क्षेत्र स्थित इण्डियन बैंक इमलिया शाखा परिसर में मंगलवार को भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। बैंक परिसर में आयोजित विशाल भंडारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास के गांवों, बाजारों और दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा और “जय बजरंगबली” के जयकारों से शाखा परिसर गुंजायमान होता रहा। भंडारे के आयोजन को लेकर बैंक परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। फूलों, पताकाओं और धार्मिक सजावट से परिसर पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा था। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना एवं हनुमान जी की आरती के साथ किया गया।
भंडारे में बैंक कर्मचारियों और स्थानीय सहयोगियों ने सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। प्रसाद में पूड़ी, सब्जी, बूंदी एवं शरबत की व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों में उत्साह कम नहीं दिखा। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। राहगीरों और यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी ताकि कोई भी व्यक्ति प्रसाद ग्रहण किए बिना न लौटे।
इण्डियन बैंक इमलिया शाखा के प्रबंधक संजय मिश्रा ने बताया कि बड़े मंगल का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी की कृपा से बैंक परिवार प्रत्येक बड़े मंगल पर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। गर्मी के मौसम को देखते हुए राहगीरों के लिए प्याऊ, शीतल जल एवं शरबत वितरण की व्यवस्था भी निरंतर की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बैंक केवल वित्तीय सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सामाजिक और धार्मिक सरोकारों से भी जुड़कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहता है। भविष्य में भी जरूरतमंदों और आमजन के हित में ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।
स्थानीय लोगों ने बैंक प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को जोड़ना एक सकारात्मक संदेश देता है। लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजन समाज में भाईचारे, सेवा भावना और धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं।
दिनभर चले इस विशाल भंडारे में व्यापारी, किसान, छात्र, राहगीर एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और सेवा भाव का विशेष माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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