संजीव रंजन की सख्ती: स्वच्छता, तालाब संरक्षण और ग्रामीण विकास योजनाओं में तेजी के निर्देश
अलीगढ़, संवाददाता। जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति एवं जिला स्वच्छ भारत मिशन मैनेजमेंट कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छता, ग्रामीण विकास, तालाब संरक्षण, जैविक ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि चयनित ओडीएफ मॉडल प्लस ग्रामों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत आरआरसी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जिले की 136 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण एवं कूड़ा पृथक्कीकरण का कार्य सफलतापूर्वक संचालित है। जबकि धनीपुर व जवां की एक-एक तथा खैर की दो ग्राम पंचायतों में कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित सचिवों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि इन चार ग्राम पंचायतों सहित अप्रैल माह से 140 नई ग्राम पंचायतों में भी यह व्यवस्था प्रारंभ कराई जाए।
जीरो पावर्टी के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि 9,988 परिवारों का स्थलीय सत्यापन किया गया, जिनमें 8,271 परिवार पूर्व से आच्छादित पाए गए तथा 1,717 परिवार पात्र पाए गए। पात्र लाभार्थियों को प्रथम किस्त जारी कर दी गई है, जबकि 575 लाभार्थियों को दूसरी किस्त भी प्रेषित की जा चुकी है। स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में चयनित ग्राम पंचायतों हेतु 1.46 करोड़ की क्रेडिट लिमिट प्राप्त हुई थी, जिसे 51 ग्राम पंचायतों में आवंटित कर दिया गया है। मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान ग्रामीण परिवेश के अनुरूप ही होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रथम चरण में बड़े तालाबों को योजना से आच्छादित किया जाए तथा बरसात के बाद जनपद की सभी 852 ग्राम पंचायतों के तालाब जल से परिपूर्ण हों।
नगला ओगर राजू में स्थापित बायोगैस प्लांट के संचालन न होने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधूरे कार्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे तथा नए गोबर गैस प्लांट स्थापना कार्यों में पाँच वर्ष की मेंटेनेंस शर्त अनिवार्य रूप से जोड़ी जाए। जिलाधिकारी ने ग्रामों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए सभी एडीओ पंचायत को अभियान चलाकर कार्य पूर्ण करने को कहा।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किए जाने के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि योजना के अंतर्गत एक हजार की आबादी पर न्यूनतम 30 नमूने लिए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता एवं सतर्कता से टीबी संक्रमण की रोकथाम संभव है। बैठक का संचालन जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह द्वारा किया गया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से आच्छादित कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी विकास कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराएं।
बैठक में खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत समेत जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
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