नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

Apr 17, 2026 - 19:34
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

अमेठी, संवाददाता। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर शुक्रवार को तहसील गौरीगंज में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाओं ने प्रतिभाग किया और अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में महिलाओं ने मीडिया से मुखातिब होते हुए इस अधिनियम को देश में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी कदम बताया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी गौरीगंज प्रीति तिवारी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। 

उन्होंने कहा कि लंबे समय से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है, जिसे संतुलित करने के लिए यह अधिनियम अत्यंत आवश्यक था। यह कानून महिलाओं को लोकसभा, राज्यसभा एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त बनाएगा। 

बाल कल्याण समिति की सदस्य नीरज पांडे एवं रीता सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यह अधिनियम केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति सोच और दृष्टिकोण को भी सकारात्मक रूप से परिवर्तित करेगा। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता मिलेगी और वे आत्मविश्वास के साथ समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी। 

चाइल्ड हेल्पलाइन की कोऑर्डिनेटर रुचि सिंह ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में संवेदनशीलता आएगी, जिससे महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझा और हल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम भविष्य में एक सशक्त एवं समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिवक्ता मीनाक्षी मिश्रा एवं मालती जायसवाल ने अधिनियम के कानूनी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को संवैधानिक अधिकारों के तहत मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को न्याय और समानता के अधिकारों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का अवसर मिलेगा। 

मीनाक्षी मिश्रा ने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आगे आती हैं तो वह किसी भी समस्या का समाधान भावनात्मक रूप से करती हैं हमारे देश में जितना महिला नेतृत्व बढ़ेगा उतना ही हमारा देश विकसित होगा। महिला ही नींव बनाती है कि हमारा भविष्य कैसा होगा हमारे देश का भविष्य कैसा होगा, जितना महिलाएं आगे आएंगी उतना ही हमारा देश तरक्की करेगा। इस अधिनियम में सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर मिलेगा। 

प्रधानाचार्य फर्स्ट स्टेप स्कूल अमेठी सुरभि मिश्रा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। इससे बालिकाओं को प्रेरणा मिलेगी और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक जागरूक और आत्मनिर्भर बनेंगी। 

महिला चिकित्सक डॉ. काजल ने कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को समाज में सम्मान और पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर पहुंचेंगी, तो स्वास्थ्य, पोषण और महिला कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी, जिससे समाज का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्व केवल 33 प्रतिशत आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज में लैंगिक समानता की दिशा में एक सशक्त संदेश भी देता है। यह महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में आगे आने के लिए प्रेरित करेगा और शासन व्यवस्था में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। 

महिलाओं ने यह भी कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे समाज के सभी वर्गों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा और नीतियां अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनेंगी। अंत में सभी वक्ताओं ने इस अधिनियम का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया और कहा कि इससे देश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।

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