पेट्रोल-डीजल के लिए कतारें, गैस की कमी से बढ़ी रसोई की परेशानी
उतरौला (बलरामपुर), संवाददाता। तहसील क्षेत्र में इन दिनों आमजन को एक साथ कई मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के बीच डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कमी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात यह हैं कि लोग एक-दो लीटर पेट्रोल के लिए भी घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, लेकिन फिर भी उन्हें पूरी मात्रा में ईंधन मिल पाना मुश्किल हो रहा है।
सुबह होते ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग जाती हैं। कई लोग रात से ही नंबर लगाने के लिए पहुंच जाते हैं, ताकि किसी तरह उन्हें ईंधन मिल सके लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने के कारण कई बार लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। डीजल की कमी का असर सीधे खेतों तक पहुंच रहा है ट्रैक्टर और सिंचाई के काम ठप पड़ने लगे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
उधर, रसोई गैस की किल्लत ने घरेलू जीवन को भी प्रभावित कर दिया है। सहालग के इस व्यस्त मौसम में गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गई है लेकिन आपूर्ति सुचारु न होने के कारण लोगों को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई उपभोक्ता बताते हैं कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, जिससे रोजमर्रा के कामकाज में बाधा आ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ईंधन और गैस की कमी ने उनके जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आवागमन से लेकर खेती-बाड़ी और घरेलू कार्य हर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था में गड़बड़ी और अचानक बढ़ी मांग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक राहत के ठोस संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की आपूर्ति को नियमित और सुचारु बनाया जाए, ताकि लोगों को इस परेशानी से निजात मिल सके।
वर्तमान हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है, जिससे आमजन को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
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