मुख्य सचिव ने सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लखनऊ, संवाददाता। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में खसरावार मूल्यांकन के लिए सड़क एवं आबादी के निकट स्थित गाटों की प्रविष्टियां प्रेरणा पोर्टल पर लंबित हैं, वे शीघ्रता से पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करें। वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर, चंदौली, गाजीपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, रामपुर, मऊ एवं पीलीभीत जनपदों में मूल्यांकन सूची के लंबे समय से पुनरीक्षण न होने पर उन्होंने पुनरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0), एआईजी न्यायालय में लंबित स्टाम्प वादों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने आगरा, फिरोजाबाद, रामपुर, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, उन्नाव, बस्ती, बांदा, बिजनौर, महराजगंज, मुरादाबाद, मेरठ, मैनपुरी, लखीमपुर खीरी, गौतमबुद्ध नगर एवं मथुरा जनपदों में शेष उप निबंधक कार्यालयों हेतु भूमि आवंटन लंबित होने पर संबंधित जिलाधिकारियों को उपयुक्त भूमि चिन्हित कराकर शीघ्र आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के “ज्ञान भारत मिशन” के अंतर्गत दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को गति प्रदान करते हुए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, ताकि देश की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश कि वे फार्मर रजिस्ट्री की नियमित समीक्षा करते हुए जनपद के शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव संस्कृति अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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