डीएम के हाथों सम्मानित हुईं 08 आंगनबाड़ी कार्यकत्री

Jul 11, 2025 - 20:26
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डीएम के हाथों सम्मानित हुईं 08 आंगनबाड़ी कार्यकत्री

बहराइच। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी मोनिका रानी द्वारा पोषण टैªकर ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन मॉड्यूल के कार्यान्वयन की परियोजनावार समीक्षा की गई। 

समीक्षा बैठक में पाया गया कि परियोजना कार्यालय नगर की ऑगनबाड़ी कार्यकत्री शकुन्तला, हुजूरपुर की सरोज कुमारी, विशेश्वरगंज की संजू, महसी की सीमा खातून, मिहींपुरवा की बबली, पयागपुर की विनोद कुमारी, जरवल की बेबी एवं तेजवापुर की निरंजनी मौर्य द्वारा ई-केवाईसी तथा चेहरा प्रमाणीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। डीएम ने सभी 08 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रयासों की सराहना करते हुए सम्बन्धित को अपने हाथों प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। 

डीएम मोनिका रानी ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों, सुपरवाईज़र्स, जिला समन्वयक व विभाग के सहयोगी पाटनर्स को निर्देश दिया कि जिले की अन्य आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रेरित कर ई-केवाईसी तथा चेहरा प्रमाणीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करायें। डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान तथा अन्य विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के माध्यम से लक्षित समुदाय को इस बात के लिए जागरूक एवं प्रेरित किया जाय कि वह स्वयं से आगे आकर इस कार्य में सहयोग करें। 

डीएम द्वारा समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारीयों को निर्देशित किया गया कि ई-कवच व पोषण ट्रैकर ऐप पर जो भिन्नता आ रही है उसे एमओआईसी से समन्वय स्थपित कर दूर करायें। बाल विकास परियोजना अधिकारीयों को निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य विभाग से समन्वय रखते हुए संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान एवं सम्पूर्ण अभियान को सफल बनायें। अतिकुपोषित सैम बच्चों एवं स्टटिंग बच्चों की त्रुटिरहित फीडिंग करायी जाय तथा आवश्यकतानुसार उन्हें एन.आर.सी. सेन्टर में भर्ती कराया जाय। डीएम ने कहा कि जिले में 01 जुलाई से संचालित हो रहे संभव अभियान का परियोजनावार उद्घाटन जनप्रतिनिधियांे के माध्यम से करया जाय।

बैठक के दौरान ई-केवाईसी तथा चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में आ रही बाधा के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि लाभार्थियों के मोबाइल नम्बर आधार से अपडेट न होने के कारण समस्या आ रही है। इस सम्बन्ध में बताया गया कि प्रायः लाथार्थियों की ओर से शिकायत प्राप्त हो रही है कि जन सुविधा केन्द्र स्वामियों द्वारा अपडेशन कार्य हेतु निर्धारित शुक्ल रू. 50=00 से अधिक धनराशि की मांाग की जाती है। इस स्थिति का डीएम ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि निर्धारित शुल्क से अधिक धन उगाही करने वाले सेन्टर की आई.डी. ब्लाक कर दी जायेगी। डीएम ने सभी जनसुविधा केन्द्र संचालकों को निर्देश दिया कि विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही प्राप्त करें अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।  

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर, जिला समन्वयक व समस्त सहयोगी पाटनर्स (आईसीडीएस) द्वारा प्रतिभाग किया गया। 

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