बार एसोसिएशन का धरना-प्रदर्शन, भूमि प्रकरण में कार्रवाई की उठाई मांग
उतरौला (बलरामपुर), संवाददाता। स्थानीय तहसील क्षेत्र में एक अधिवक्ता की निजी भूमि पर कथित रूप से जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य कराए जाने के विरोध में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने गुरुवार से तहसील परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। अनशन के पहले दिन अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर से श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे तक प्रदर्शन और नारेबाजी कर प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
क्रमिक अनशन के प्रथम दिन चौधरी राम प्रताप, परशुराम यादव, राम सेवक मिश्र, शक्ति मिश्र, मेराज अहमद, मनीष यादव तथा प्रशांत कुमार अनशन पर बैठे। अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने पहुंचकर समर्थन व्यक्त किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रह्लाद यादव, मंत्री रविशंकर मिश्र तथा वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद मुस्लिम खान के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर से जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने भूमि विवाद में न्याय की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद मुस्लिम खान ने कहा कि संबंधित भूमि के मामले में न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य कराना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि न्यायिक आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मार्कण्डेय मिश्र ने कहा कि विवादित भूमि पर कराया जा रहा निर्माण पूरी तरह अवैध प्रतीत होता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग की।
बार एसोसिएशन के मंत्री रविशंकर मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता समुदाय अपने साथी को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता संगठन आगे और कठोर निर्णय लेने को बाध्य होगा।
अध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखता है, लेकिन यदि किसी अधिवक्ता एवं एक बेरोजगार युवक की भूमि पर जबरन कब्जा किया जाता है तो उसका विरोध करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर आलोक गुप्त, रश्मि सिंह, शिवानी सिंह, रवि गुप्त, अनीसुल हसन, खलील खान, शमशाद चौधरी, बेनी माधव तिवारी, दिनकर श्रीवास्तव, अतुल यादव, मोहित श्रीवास्तव, आशीष कुमार, अखिलेश यादव, मारुति नंदन, रामचंदर जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद सोनी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई कर पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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