यूजीसी के हालिया निर्णय पर राष्ट्रीय युवा वाहिनी का विरोध, केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

Jan 27, 2026 - 19:03
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यूजीसी के हालिया निर्णय पर राष्ट्रीय युवा वाहिनी का विरोध, केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

लखनऊ। राष्ट्रीय युवा वाहिनी नेशनल वालंटियर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू देव प्रकाश शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के हालिया निर्णय पर तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

प्रधानमंत्री को संबोधित स्मरण पत्र में संगठन ने कहा है कि यूजीसी का यह निर्णय देश की शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन और अन्याय की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। संगठन के अनुसार यह निर्णय योग्यता और समान अवसर की भावना के विपरीत है तथा समाज में वैमनस्य और वर्गीय विभाजन को बढ़ावा देने की आशंका रखता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू देव प्रकाश शुक्ला ने स्पष्ट किया कि संगठन का विरोध किसी वर्ग विशेष के अधिकारों के विरुद्ध नहीं है, बल्कि न्यायपूर्ण, संतुलित और योग्यता-आधारित शिक्षा व्यवस्था के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में असंतुलन से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित होती है और भारत को वैदिक सनातन राष्ट्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य भी कमजोर पड़ता है।

स्मरण पत्र में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि यूजीसी के विवादित निर्णय को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और छात्र प्रतिनिधियों से व्यापक संवाद स्थापित कर इस पर पुनर्विचार किया जाए, तथा शिक्षा नीति में योग्यता, समान अवसर और न्याय की संवैधानिक भावना को सुरक्षित रखा जाए।

संगठन ने यह भी कहा कि यदि ऐसे निर्णय सभी वर्गों की सहभागिता के बिना लागू किए गए, तो वे एकपक्षीय और अन्यायपूर्ण नीति बन जाएंगे, जिससे राष्ट्र की एकता और शिक्षा का स्तर दोनों प्रभावित होंगे। राष्ट्रीय युवा वाहिनी ने यह आग्रह किया कि शिक्षा नीति को राजनीतिक या जातीय दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और सनातन संस्कृति की दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

अध्यक्ष हिंदू देव प्रकाश शुक्ला ने कहा कि भारत को वैदिक सनातन राष्ट्र बनाना है तो शिक्षा व्यवस्था को समान, न्यायपूर्ण और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित करना होगा। संगठन ने प्रधानमंत्री से देश की शैक्षणिक समरसता, सामाजिक एकता और युवा पीढ़ी के भविष्य की सुरक्षा के लिए इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

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