सीएमओ कार्यालय में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, वरिष्ठ लिपिक 5000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

May 21, 2026 - 21:01
 0  0
सीएमओ कार्यालय में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, वरिष्ठ लिपिक 5000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

बलरामपुर, संवाददाता। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन टीम ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक मोहन लाल जायसवाल को 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद सीएमओ कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पूरे विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार एक कर्मचारी द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) का बिल पास कराने के लिए आवेदन किया गया था। आरोप है कि संबंधित फाइल को आगे बढ़ाने और भुगतान स्वीकृत कराने के एवज में वरिष्ठ लिपिक द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित व्यक्ति ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद टीम ने पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की।

बताया जा रहा है कि शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को चिन्हित किए गए रुपये देकर सीएमओ कार्यालय भेजा गया। जैसे ही आरोपी लिपिक ने 5000 रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, पहले से मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

अचानक हुई इस कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। टीम आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। वहीं कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी भी पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए।

जानकारी के मुताबिक आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है कि कहीं इस प्रकार की वसूली का कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं चल रहा था।

इस घटना के बाद आम लोगों में भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी कार्यालयों में फाइलों के निस्तारण के नाम पर रिश्वतखोरी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं, लेकिन इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने का काम किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसे मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि आम नागरिकों और कर्मचारियों को अनावश्यक भ्रष्टाचार का सामना न करना पड़े।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow