निपुण भारत मिशन के अंतर्गत मंडलीय निपुण संकल्प कार्यशाला का हुआ आयोजन
अमेठी, संवाददाता। बेसिक शिक्षा विभाग, जनपद अमेठी द्वारा निपुण भारत मिशन के अंतर्गत मंडलीय निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन सोमवार को आशीर्वाद मैरिज हॉल, मुंशीगंज, अमेठी में किया गया।
कार्यशाला में जनपद अमेठी, अंबेडकर नगर एवं सुल्तानपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्रवक्ता, खंड शिक्षा अधिकारी, स्टेट रिसोर्स पर्सन, एआरपी तथा अन्य शैक्षिक अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू के द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संग्रामपुर, अमेठी की छात्राओं द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अमेठी संजय तिवारी ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि जनपद अमेठी को इस महत्वपूर्ण मंडलीय कार्यशाला की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव का विषय है तथा विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने के लिए कार्यरत है।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने अपने संबोधन में कहा कि वह स्वयं शिक्षक परिवार से जुड़ी हुई है। उन्होंने दिवास्वप्न पुस्तक के दृष्टांत के माध्यम से बच्चों को समझ के उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा प्रदान करने की बात कही निपुण भारत मिशन केवल एक शैक्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं नवाचारों को विद्यालय स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान राज्य परियोजना कार्यालय से पधारे वरिष्ठ विशेषज्ञों, ऐश्वर्य, अंकित श्रीवास्तव तथा शिवेश ने निर्धारित एजेंडा के अनुसार विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं बिंदुवार प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने निपुण भारत मिशन की प्रगति, शैक्षणिक सत्र 2026-27 की रणनीति, बालवाटिका का प्रभावी संचालन, निपुण विद्यालय आकलन, विद्यालय विजिट एवं गुणवत्तापूर्ण मेंटरिंग, एनबीएमसी पोर्टल के व्यावहारिक उपयोग, डेटा आधारित समीक्षा, जिला परियोजना प्रबंधन इकाई की भूमिका तथा निपुण प्लस एवं नवीन शैक्षिक पहलों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया तथा विद्यालयों में सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए व्यवहारिक सुझाव साझा किए। कार्यशाला में समूह गतिविधियों, अनुभव साझाकरण एवं विचार-विमर्श के माध्यम से प्रतिभागियों ने नवाचारों पर चर्चा करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ राजेश कुमार द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुल्तानपुर उपेंद्र गुप्ता, डीसी प्रशिक्षण गोविंद शुक्ला, डीसी निपुण आशुतोष श्रीवास्तव, जनपद अमेठी, अंबेडकर नगर एवं सुल्तानपुर के खंड शिक्षा अधिकारी, स्टेट रिसोर्स पर्सन एकेडमिक रिसोर्स पर्सन सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन निपुण शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने प्रत्येक बच्चे को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान में निपुण बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को पूर्ण समर्पण के साथ प्राप्त करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर रमेश सिंह ने किया।
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