विद्यार्थियों को ज्ञान पिपासु बनाने में आचार्य की भूमिका महत्त्वपूर्ण - शेषधर द्विवेदी

Jul 19, 2026 - 21:21
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विद्यार्थियों को ज्ञान पिपासु बनाने में आचार्य की भूमिका महत्त्वपूर्ण - शेषधर द्विवेदी

सुल्तानपुर, संवाददाता। विद्यार्थियों को ज्ञान पिपासु बनाने में आचार्य की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। शिक्षा ज्ञान प्राप्त करने की एक प्रक्रिया है। हम शिक्षार्थी को ज्ञान प्राप्त करने के लिए इस प्रकार प्रेरित करें कि वह ज्ञान प्राप्ति के लिए आतुर हो। उसके मन में ज्ञान प्राप्त करने के लिए व्याकुलता उत्पन्न हो। इसमें हमारी भूमिका मात्र उत्प्रेरक की है।

प्रदेश निरीक्षक ने यह बातें सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानन्द नगर के शिशु मंदिर सभागार में कही। वह सुलतानपुर संकुल के गणित एवं विज्ञान वर्ग के प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन समारोह में उपस्थित शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने पंचपदी शिक्षण पद्धति और ज्ञानेन्द्रियों तथा कर्मेंद्रियों के विकास पर भी व्यापक प्रकाश डाला।

इससे पूर्व प्रधानाचार्य एवं सुल्तानपुर संकुल प्रमुख राकेश मणि त्रिपाठी ने प्रदेश निरीक्षक एवं अन्य आमंत्रित अतिथियों का परिचय कराकर गणित तथा विज्ञान वर्ग के प्रशिक्षण की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य  आचार्यों को विद्यार्थियों के अधिगम को बढ़ावा देने और विविध कक्षा परिवेशों के अनुकूल ढलने के लिए आवश्यक कौशलों से लैस करना है तथा प्रत्येक शिक्षार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

गणित विषय के प्रशिक्षक गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गणित संकाय प्रमुख डॉ जे0एन0 मिश्र ने गणितीय गणनाएं एवं सूत्रों की सूक्ष्म व्याख्या कर आधुनिक तकनीक से शिक्षण कौशल के अधिगम की बारीकियों से परिचित कराया, तो विज्ञान विषय के प्रशिक्षक के रूप में केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कालेज सुलतानपुर के भौतिक विज्ञान विषय के प्रवक्ता एवं जिला विज्ञान समन्वयक शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रायोगिक गतिविधियों और नई वैज्ञानिक अवधारणाओं से परिचित कराते हुए समझाया कि किस प्रकार विज्ञान विषय को रोचक और वास्तविक जीवन से जोड़कर पढ़ाया जा सकता है।

केन्द्रीय विद्यालय अमहट सुलतानपुर के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता प्रशिक्षक अभिषेक तिवारी एवं विज्ञान शिक्षिका उर्मिला ने विज्ञान विषय में नवाचार संदर्भित प्रशिक्षण दिया। रसायन विज्ञान के प्रोफेसर डॉ शशांक श्रीवास्तव ने एनईपी2020 की अवधारणा के अनुरूप विज्ञान विषय के शिक्षण के गुण सिखाये।

इस अवसर पर विद्या भारती के पूर्णकालिक कार्यकर्ता सुमंत पाण्डेय, सुल्तानपुर संकुल के प्रशिक्षण प्रमुख ब्रह्मनारायण शुक्ल, विज्ञान प्रमुख द्वारिका नाथ पाण्डेय, गणित प्रमुख अखिलेश सिंह, प्रधानाचार्य युगल किशोर, रेनू सिंह, दिलीप सिंह, पूनम सिंह, ऊषा सिंह तथा पर्यवेक्षक के रूप में वरिष्ठ आचार्य अनिल कुमार पाण्डेय एवं शरद श्रीवास्तव जी उपस्थित रहे।

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