सरस्वती विद्या मन्दिर में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
सुल्तानपुर, संवाददाता। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज, विवेकानन्द नगर में स्वतन्त्रता दिवस महोत्सव हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय की प्रबंध समिति अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पालिका चेयरमैन भोलानाथ अग्रवाल, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ0 आर0ए0 वर्मा एवं प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी द्वारा झण्डा रोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात् सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का परिचय कराते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि हमें हमारा देश प्राणों से भी अधिक प्यारा है। यहां के कण-कण में भगवान शिव जी का वास है। हमारे लिए भारत देश नहीं अपितु भारत माता है। हम गाय और गंगा मां की तरह पूजते हैं। हमें केवल अधिकार नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों को भी याद रखना चाहिए। देश को स्वच्छ, सशक्त एवं सर्वश्रेष्ठ बनाना हमारी जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि डॉ0 आर0ए0 वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हम अपने देश के लिए ही मरेंगे और जिएंगे। हमारे भीतर मातृभूमि के प्रति इतना समर्पण भाव होना चाहिए कि मृत्यु के बाद गंगाजी में प्रवाहित हमारी अस्थियों से भारत माता की जय जय कार सुनाई दे। कार्यक्रम को पूर्व छात्र परिषद अध्यक्ष सुमित श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की रचना को हूबहू उनकी आवाज में प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी।
अपने अध्यक्षीय भाषण में विद्यालय के अध्यक्ष भोलानाथ अग्रवाल ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान एवं त्याग का स्मरण करते हुए छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने पूर्वजों के पदचिन्हों पर चलें। राष्ट्र के प्रति समर्पित रहें तथा राष्ट्र के सजग प्रहरी बनकर कर्त्तव्यपरायण बने रहने का संकल्प लें। कक्षा 9 की बहन आराध्या मिश्रा के ओजस्वी भाषण ने सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने भारतीय नागरिकों का आह्वान किया कि उनके प्रत्येक कार्य में ईमानदारी, कर्त्तव्यपरायणता, समरसता, एकजुटता और समर्पण का भाव झलकना चाहिए, तभी भारत को विश्व गुरु का गौरव प्राप्त होगा।
संगीत के आचार्य ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी एवं आरती गुप्ता के मार्गदर्शन में विद्यालय के भैया बहनों द्वारा स्वतंत्रता आन्दोलन के समय के संघर्षों, कठिनाइयों और वीरों के बलिदान का योग, नृत्य तथा अभिनय के माध्यम से बड़ा ही रोमांचक मंचन किया गया। भैया दिव्य पटेल, अक्षयवीर सिंह और अभिनव बरनवाल द्वारा भारत मां की आन बान शान के लिए आत्मबलिदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजगुरु, सुखदेव और भगत सिंह की फांसी का सजीव मंचन किया गया। उनके बलिदान को स्मरण कर सब भावुक हो उठे, सबकी आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज सुलतानपुर के चिकित्सक एवं विद्यालय प्रबन्धक डॉ0 पवन सिंह, उप प्रबंधक विनोद लोहिया, कोषाध्यक्ष बलराम कसौधन, रवीन्द्र प्रकाश सिंह, माता प्रसाद शुक्ल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक देवदत्त, नगर प्रचारक सुशील वरिष्ठ, आचार्य अनिल पाण्डेय, द्वारिका नाथ पाण्डेय, संजीव चतुर्वेदी, सरिता त्रिपाठी, सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11की बहन सौम्या पाण्डेय और वर्षिका पाण्डेय ने किया।
आगन्तुक अतिथियों एवं कार्यक्रम में अपनी प्रमुख भूमिका निभाने वाले आचार्य बन्धु भगिनी, कर्मचारियों एवं भैया बहनों के प्रति कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका रंजना पाण्डेय ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ किया गया।
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