उ0प्र0 राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित हुई महिला जन सुनवाई एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक
सिद्धार्थनगर, संवाददाता। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ0 बबिता सिंह चौहान की अध्यक्षता में महिला जन सुनवाई एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई।
महिला जनसुनवाई के दौरान अध्यक्ष के समक्ष महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़ आदि के कुल 13 प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत हुए। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को त्वरित कार्यवाही कर प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण दोनो पक्षों को सुनकर कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी के साथ भेदभाव न किया जाये समस्याओं का त्वरित निस्तारण करायें। महिला उत्पीड़न के प्रकरण में पुलिस विभाग के द्वारा त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित किया जाये। महिला थाना की थानाध्यक्ष/सम्बंधित थानाध्यक्ष को जिन प्रकरणों में पति, पत्नी विवाद है दोनो पक्षों को बुलाकर उनको जागरूक करते हुये नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के गायब होने तथा तस्करी की घटनाये प्रकाश में आ रही है उस पर निगरीनी करते हुये रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। महिलाओं को जागरूक करने हेतु नुक्कड़ नाटक व अन्य माध्यमों से जागयक करें। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि पन्द्रह दिन के अन्दर में प्रकरणों के निस्तारण रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। समाज कल्याण, महिला कल्याण, दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओ का लाभ पात्र लाभार्थियों को दिलायंे। आयुष्मान कार्ड के प्रति लोगों को जागरूक करें तथा कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाकर लाभ दिलाया जाये।
अध्यक्ष ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की जांच कराने का निर्देश दिया। शिक्षक स्कूल में समय से उपस्थित हों तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करायें। बच्चे ड्रेस में उपस्थित हों इसके लिए अभिभावकों को जागरूक करें, जो बालिकायें स्कूल नहीं जा रही हैं उनको कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से जोड़कर शिक्षित किया जाये जिससे वह शिक्षा से वंचित न रहें। प्रत्येक विद्यालय में महिला शौचालय की व्यवस्था हो तथा उसकी नियमित साफ-सफाई व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को सभी विद्यालयों में महिला शौचालय की व्यवस्था तथा सेनेटरी पैड (वेन्डिंग मशीन) की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया तथा शौचालय की साफ-सफाई हेतु महिला की तैनाती करने के भी निर्देश दिये। विद्यालयों में भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, महिला सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाये। महिलाओं को जागरूक करने हेतु हेल्पलाइन नम्बरों की वाल पेंटिंग, बैनर सार्वजनिक जगहों, सभी ब्लाकों, स्कूलों, हास्पिटल, बस स्टाप आदि पर कराने का निर्देश दिया। बाल कल्याण समिति को बाल विवाह को रोकने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। चौपाल के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करते हुये उन्हे सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलायें।
अध्यक्ष ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड को देखा गया तथा वार्ड में भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी डाक्टर समय से ड्यूटी पर उपस्थित रहें तथा मरीजों का बेहतर इलाज करें। अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था ठीक करने का निर्देश दिया। बरसात के कारण जगह-जगह जल जमाव हुआ है जल निकासी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
उन्होंने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत केक काटकर कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। कन्या को जन्म देने वाली लाभार्थियों को उपहार वितरित किया। गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए कन्या सुमंगला योजना संचालित किया गया है। बालिका के जन्म से लेकर पढ़ाई की व्यवस्था सरकार द्वारा दिया जा रहा है। कन्या सुमंगला योजना के कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे। इस अवसर पर प्राचार्य मेडिकल कालेज डॉ0 राजेश मोहन, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव, महिला कल्याण विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
इसके पश्चात उन्होंने जिला जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला बैरक का निरीक्षण किया। उन्होंने विचाराधीन महिला बन्दियों से वार्ता कर उनका हाल-चाल जाना गया। इसके साथ ही जेल में महिलाओ को दिये जा रहे सिलाई, कढ़ाई प्रशिक्षण आदि को देखा। उन्होंने समय-समय पर बन्दियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिये। इसके अलावा पाकशाला, बैरक, शौचालय आदि को भी देखा तथा निर्देश दिया कि बंदियों को किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाये।
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