इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) से बचाव एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क, जिला अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित

Aug 29, 2026 - 20:54
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इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) से बचाव एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क, जिला अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित

हमीरपुर, संवाददाता। वर्तमान में देश के कुछ राज्यों एवं उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के रोगियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए जनपद में इसके रोकथाम, उपचार एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के क्रम में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) एक वायरस जनित रोग है, जिसे सामान्य भाषा में स्वाइन फ्लू कहा जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना तथा आंखों में लालिमा आदि शामिल हैं।

रोग की संभावित स्थिति को देखते हुए संदिग्ध मरीजों की पहचान एवं उपचार के लिए जिला अस्पताल, हमीरपुर में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। साथ ही जनपद की विभिन्न ब्लॉक स्तरीय सीएचसी एवं पीएचसी में भी 2 से 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।

जनपद के जिला चिकित्सालय पुरुष एवं महिला, सीएचसी राठ, सीएचसी कुरारा तथा सीएचसी मौदहा में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं, जो क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त जनपद की सभी पीएचसी एवं सीएचसी में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जनपद की सभी चिकित्सा इकाइयों के प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ मास्क का प्रयोग करते हुए ओपीडी सेवाएं प्रदान करें। अस्पताल परिसरों में नियमित रूप से सेनेटाइजेशन कराया जाए, आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं एवं ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए तथा संदिग्ध एवं पुष्ट रोगियों के उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड आरक्षित रखे जाएं।

साथ ही सभी स्वास्थ्य कर्मियों एवं आशा/एएनएम के माध्यम से जनसमुदाय को व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, नियमित रूप से हाथ धोने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने तथा छींकते या खांसते समय मुंह एवं नाक को रूमाल अथवा उचित माध्यम से ढकने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनसामान्य से अपील की है कि उपरोक्त वर्णित लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में चिकित्सकीय परामर्श लें, उपचार कराएं तथा संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।    

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