जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के दिए निर्देश
अलीगढ़। जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए पाया गया कि विगत माह वाहन चालकों की लापरवाही से कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सबंधित अधिकारियों को प्रभावी ढंग से जनजागृति लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का धरातल पर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा ऐसी व्यवस्था है, जिसमें प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ जन सहभागिता भी आवश्यक है। सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें ताकि अलीगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या न्यूनतम हो सके।
उन्होंने कहा कि विकास एवं सुधार प्रयास इस प्रकार किए जाएं कि जनता को यह महसूस हो कि व्यवस्था में वास्तविक सुधार हुआ है। सारसौल चौराहे पर हो रहे लगातार अतिक्रमण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिपो के बाहर की बसें शहर में प्रतिबंधित की जाएं। आगामी 26 नवंबर तक विवाह समारोहों की बड़ी सहालगों के चलते सड़कों पर गेस्ट हाउस संचालकों द्वारा स्वागत द्वार न लगाए जाएं, इससे यातायात में अव्यवस्था उत्पन्न होती है।
जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक यातायात एवं एडीए को निर्देशित किया कि सड़क व्यवस्था में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। साथ ही नगर निगम एवं यातायात विभाग को आदेशित किया कि स्वागत द्वार एवं सड़क कटाव के संबंध में अनुमति व्यवस्था लागू की जाए, ताकि बाद में संबंधित व्यक्ति से सड़क का पुनर्स्थापन कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर अनावश्यक वाहन खड़े न होने दिए जाएं एवं फुटपाथों पर अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिया कि सभी ग्राम पंचायतों में सड़क सुरक्षा ग्राम समितियों का गठन कर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि एक्सप्रेस-वे पर बने अवैध कटों को संवेदनशीलता के साथ बंद किया जाए, जिससे दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि हाइवे के निकट स्थित सभी अस्पतालों में सीसीटीवी, रैम्प और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
समीक्षा में पाया गया कि माह सितम्बर 2024 में जहां 68 सड़क दुर्घटनाओं में 22 की मृत्यु हुई वहीं सितम्बर 2025 में 97 सड़क दुर्घटनाओं में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई जबकि जनवरी 2024 से सितम्बर 2024 तक जिले में 696 सड़क दुर्घटनाओं में 341 वहीं 2025 में जनवरी से सितम्बर तक 870 सड़क दुर्घटनाओं में 425 लोगों ने अपनी जान गंवाई। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सर्दी का मौसम आरम्भ हो गया है, ऐसे में धुंध और कोहरे के दृष्टिगत रेट्रो रिफ्लेक्टिंग टेप, साईनेज, रोड के किनारे सफेद पट्टी समेत अन्य कार्य ससमय पूर्ण कर लिए जाएं।
बैठक में एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक प्रवीण कुमार, एआरटीओ प्रवेश कुमार, पीटीओ ज्योति मिश्रा, एक्सईएन पीडब्लूडी संजीव पुष्कर एवं योगेश कुमार सहित एलएचएआई, रोडवेज, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पंचायतीराज विभाग से अधिकारी उपस्थित रहे।
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