यूनाइटेड फॉर यूनीक की थीम पर मनाया गया विश्व कैंसर दिवस
बहराइच। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में यूनाइटेड फॉर यूनीक की थीम पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में गोष्ठी, स्क्रीनिंग शिविर तथा हस्ताक्षर अभियान संचालित किया गया।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सीएमओ डॉ0 कुमार ने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की रोकथाम, समय पर पहचान, सही इलाज और इससे जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने के उद्देश्य से ही यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और मादक पदार्थों की रोकथाम बहुत ज़रूरी है ताकि इस बीमारी से होने वाली मौतों को कम किया जा सके और जीवन बचाया जा सके।
सीएमओ ने कहा कि शरीर में कोशिकाओं के समूह की अनियंत्रित वृद्धि कैंसर है। जब ये कोशिकाएं टिश्यू को प्रभावित करती हैं तो कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन यदि कैंसर का सही समय पर पता ना लगाया गया और उसका उपचार ना हो तो इससे मौत का जोखिम बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि कैंसर जैसे रोग के प्रति लोगों में जनजागरूकता के उद्देश्य से समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर विश्व कैंसर दिवस से सम्बन्धित कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं साथ ही जिला चिकित्सालय सहित सभी पीएचसी/सीएचसी पर निःशुल्क स्क्रीनिंग शिविर भी लगाए गए हैं।
एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ0 संदीप मिश्रा ने कहा कि आजकल फल और सब्जियों में बेतहाशा पेस्टिसाइड का इस्तेमाल हो रहा है। पीने का पानी भी पूरी तरह शुद्ध नहीं है, जिसका सीधा असर शरीर पर पड़ रहा है। पहले कैंसर बुजुर्गों की बीमारी मानी जाती थी, लेकिन अब युवा और मध्यम आयु वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. विजित जायसवाल ने कहा कि हम सभी जानते ही हैं कि हमारे शरीर में कई प्रकार की कोशिकाएं होती है लेकिन जब ये कोशिकाएं बढ़ जाती हैं और अनियन्त्रित हो जाती हैं एवं शरीर के हिस्सों को काम करने में दिक्कत देती है और उन हिस्सों पर कोशिकाओं का गुच्छा सौम्य गाँठ या द्यूमर बन जाता है और बढ़ता रहता है इस अवस्था को ही कैन्सर कहते हैं और यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे कैंसर विभाग के नोडल अधिकारी डॉ0 परितोष तिवारी ने कहा कि लोगों को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के बारें में अवगत कराने के लिए विश्व कैन्सर दिवस हर वर्ष 4 फरवरी को मनाया जाता है ताकि लोगों को कैंसर के होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा सकें और लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जा सकें।
उन्होंने कहा कि कैंसर के सौ से भी अधिक रूप है जैसे- स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ब्रेन कैंसर, बोन कैंसर, ब्लैडर कैंसर, पेंक्रियाटिक कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, गर्भाशय कैंसर, किडनी कैंसर, लंग कैंसर, त्वचा कैंसर, स्टमक कैंसर, थायरॉड कैंसर, मुंह का कैंसर, गले का कैंसर इत्यादि।
एनसीडी क्लीनिक के फिजिशियन डॉ. अंशुमान सिंह श्रीनेत्र ने बताया कि कैंसर सेल्स सबसे पहले शरीर को संक्रमण से बचाने वाले हिस्से में फलती है और उसके बाद खून के रास्ते शरीर के अलग अलग हिस्सों में जाती है और उन्हें संक्रमित करती है। कैंसर जैसी बीमारी से हमें बचने के लिए सबसे पहले सावधान होकर बचाव रखना चाहिए और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना चाहिए।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचनाधिकारी बृजेश सिंह ने कहा कि यदि आप कैंसर से बचना चाहते हैं तो आपको अपनी जीवनशैली नियंत्रित करनी होगी और अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना होगा।
इस अवसर पर उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश सुरेश चन्द्र भारती, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संतोष राना कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अनुराग वर्मा, डॉ0 ए0 श्रीवास्तव सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
What's Your Reaction?