राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कॉलेज में किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता एवं महिला सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
आजमगढ़, संवाददाता। जिलाधिकारी के आदेशानुसार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के नेतृत्व में हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेऩ द्वारा राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कॉलेज, गौरा, मेहनगर में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य, सुरक्षा, महिला अधिकारों एवं शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम का संचालन जिला मिशन कोऑर्डिनेटर प्रीति उपाध्याय एवं जेंडर स्पेशलिस्ट अनु सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 छात्राओं ने सहभागिता की। इस दौरान बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमण से बचाव एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सभी छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरित किए गए तथा मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक भ्रम एवं भ्रांतियों को दूर करने के लिए संवादात्मक चर्चा भी की गई।
कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच-बैड टच की जानकारी देते हुए बाल यौन शोषण एवं लैंगिक उत्पीड़न की पहचान, उससे बचाव तथा ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें महिला हेल्पलाइन-181, आपातकालीन सेवा-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, वन स्टॉप सेंटर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी गई।
इस अवसर पर बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मिशन शक्ति अभियान तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। छात्राओं को बताया गया कि शासन द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को सुरक्षित एवं सशक्त बना सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं व्यवहारिक ढंग से उत्तर दिया गया। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में बिना संकोच संबंधित हेल्पलाइन एवं विभागीय सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि किशोरियों को स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं से कार्यक्रम में प्राप्त जानकारी को अपने परिवार एवं आसपास की अन्य बालिकाओं तक भी पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षा विभाग के अध्यापकगण, विद्यालय स्टाफ, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के कार्मिक तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन छात्राओं को जागरूक, आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित जीवन के लिए प्रेरित करने के संदेश के साथ किया गया।
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