मौदहा में नहीं थम रहा है तंबाकू मिश्रित अवैध गुटखा का कारोबार
हमीरपुर, संवाददाता। मौदहा कस्बा सहित यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू मिश्रित अवैध गुटखा बनाने का कारोबार चरम पर है। कस्बा से लेकर दूरदराज के गांवों में गुटका बनाने की मशीनें गरज रही हैं। लगभग सभी छोटी बड़ी दुकानों में यह गुटखा धड़ल्ले से बिक रहा है। इसके बाद भी अवैध गुटखा के कारोबारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न होना निश्चित रूप से बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
बताते चलें कि विगत कई वर्षों से मौदहा कस्बा सहित आसपास के गांवों में सैकड़ों युवा तंबाकू मिश्रित अवैध गुटखा के कारोबार में संलिप्त हैं। अवैध गुटखा बनाने की दर्जनों मशीनें कस्बा सहित दूरदराज के गांवों में लगी हैं। इन मशीनों में सुपाड़ी की कटिंग और गुटखा के रैपर तैयार करने से लेकर इनकी पैकिंग की जाती है। बड़े पैमाने पर तैयार होने वाला यह गुटखा गांव देहात के गली-कूचों की दुकानों से लेकर आसपास के कस्बों व शहरों की बाजारों में धड़ल्ले से बेंचा जाता है।
हालांकि तम्बाकू मिश्रित गुटखा को बनाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इतना ही नहीं नये शासनादेश के अनुसार तो किसी भी दुकान में गुटखा और तंबाकू एक साथ बेंचना भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसके बाद भी यह अवैध कारोबार मौदहा कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिन दूना रात चौगुना फलफूल रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि अलग-अलग नामों से प्रचलित अवैध गुटखा जिन दुकानों में बिकता है इन्हीं दुकानों के आसपास खुली चाय-नाश्ता की दुकानों और ढाबों में बैठकर तमाम जिम्मेदार अधिकारी भोजन और जलपान करते दिखाई देते हैं। लेकिन अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई से बजाय जानकर भी अनजान बने रहते हैं। ऐसे में अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। वहीं आम जनमानस में इस बात की चर्चा रहती है कि यह पूरा खेल आपसी सांठगांठ से चल रहा है। हालांकि अधिक हो हल्ला मचने से विभागीय अधिकारियों द्वारा यदाकदा इन अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही जरूर की जाती है लेकिन यह कार्रवाई गुड वर्क के लिए की जाती है अथवा फिर किसी अन्य उद्देश्य को पूरा करने के लिए की जाती है। यह बात आम जनमानस और गुटखा कारोबारियों की जुबानी खुद-ब-खुद सुनाई देती है।
इन दिनों मौदहा कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक बिकने वाले तंबाकू मिश्रित गुटकों में किस्मत, खुसबू, तरंग, नशा, धड़कन, गजब जैसे दर्जनों नामों से यहां अवैध गुटखा बनाने का काम हो रहा है और ये गुटखा यहां की बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहा है। अवैध गुटखा बनाने के मशीनें कहां गरज रही हैं यह जानकारी उन तमाम लोगों को भी रहती है जो स्वयं को पाक-साफ बताने के लिए मौदहा कस्बा सहित क्षेत्र के गांवों में अवैध गुटखा के कारोबार को स्वीकार करने से बचते हैं।
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