किसी भी निर्माण कार्य के प्रारंभ से पूर्व स्वीकृत नक्शा, डिजाइन, अनुमान और अन्य तकनीकी औपचारिकताओं का पूर्ण रूप से पालन कराया जाए - मुख्य विकास अधिकारी
अलीगढ़। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के कार्यों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समय-समय पर लेखा परीक्षा कराई जाती है। इसी क्रम में प्राप्त ऑडिट रिपोर्ट में कुछ बिंदुओं के संबंध में जिला पंचायत प्रशासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य अधिकारी जिला पंचायत योगेंद्र कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर प्रेषित की गई ऑडिट रिपोर्ट में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, वे मुख्य रूप से पूर्व वर्षों से संबंधित हैं। शासन की मंशा के अनुरूप सभी बिंदुओं की बारीकी से समीक्षा कराई जा रही है और जहां भी प्रक्रियागत कमियां पाई जाएंगी, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला पंचायत द्वारा कराए जाने वाले सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में विकास कार्यों की स्वीकृति, कार्ययोजना, तकनीकी परीक्षण और भुगतान की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित व पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य के प्रारंभ से पूर्व स्वीकृत नक्शा, डिजाइन, अनुमान और अन्य तकनीकी औपचारिकताओं का पूर्ण रूप से पालन कराया जाएगा। साथ ही सामग्री की खरीद और कार्य निष्पादन में शासनादेशों के अनुरूप पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिला पंचायत की परिसंपत्तियों से संबंधित राजस्व वसूली, नीलामी प्रक्रिया और अन्य वित्तीय मामलों की भी नियमित समीक्षा कराई जा रही है, जिससे राजस्व हितों की सुरक्षा हो सके और पंचायत की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ संपादित कराया जाएगा, ताकि आमजन को विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
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