जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में डिजिटल शिक्षा को मिला बढ़ावा, बच्चों के भविष्य को नई दिशा

Sep 22, 2025 - 19:44
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जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में डिजिटल शिक्षा को मिला बढ़ावा, बच्चों के भविष्य को नई दिशा

अमेठी। वर्तमान समय में शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता संवर्धन हेतु सूचना एवं संचार तकनीकी का प्रयोग प्रभावी रूप से किया जा रहा है। जनपद अमेठी के 53 परिषदीय विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब और 68 विद्यालयों में संचालित 136 स्मार्ट क्लास शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाई प्रदान कर रहे हैं। आईसीटी लैब में उपलब्ध कंप्यूटर और इंटरनेट के उपयोग से बच्चे डिजिटल कौशल सीख रहे हैं। 

वहीं स्मार्ट क्लास के माध्यम से ऑडियो-विजुअल सामग्री और ई-बुक्स का प्रयोग कर विद्यार्थियों की समझ, अवलोकन, विश्लेषण और सीखने की क्षमता का विकास हो रहा है। इनसे शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में मदद मिल रही है। पीएम श्री विद्यालय, भदैया महमूदपुर (विकास खण्ड - बहादुरपुर, अमेठी) आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित है। विद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी (4 कंप्यूटर व हजारों एनबीटी आधारित पुस्तकें), आईसीटी लैब (12 कंप्यूटर, 12 टेबल-कुर्सियाँ, 2 स्मार्ट टीवी, वाई-फाई सुविधा) और 2 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। स्मार्ट बोर्ड और प्रोजेक्टर आधारित शिक्षण से बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त हो रही है। इन संसाधनों से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, डिजिटल कौशल और जीवनोपयोगी शिक्षा मिल रही है। एलबीडी रूम के माध्यम से बच्चों को जीवन कौशल आधारित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।

जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की आवश्यकता है। आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार हो रहे हैं। शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों को तकनीक से जोड़ना हमारे लिए प्राथमिकता है। 

मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने कहा कि “स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब बच्चों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। शिक्षक और विद्यार्थी दोनों तकनीक से लाभान्वित हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि हर विद्यालय में डिजिटल संसाधन उपलब्ध हों और कोई भी बच्चा पीछे न रहे।” शासन की मंशा के अनुरूप, डिजिटल शिक्षा व्यवस्था बच्चों को न केवल वर्तमान की पढ़ाई में बल्कि भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए भी सक्षम बना रही है।

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