मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न
लखनऊ, संवाददाता। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, गोसंरक्षण, उर्वरक उपलब्धता, छात्रवृत्ति योजना तथा डॉ. आम्बेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से आच्छादित किया जा रहा है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ 26 जुलाई, 2026 को आगरा स्थित डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय, खंडारी परिसर में मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रस्तावित है। इसके समानांतर प्रत्येक जनपद में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों, नामित नोडल प्राचार्यों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ तत्काल समन्वय बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा सुनिश्चित करें। प्रत्येक जनपद में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा अधिकतम शिक्षकों को योजना से जोड़ा जाए। मुख्य कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत प्रत्येक जनपद में 20-20 लाभार्थियों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मंच से कैशलेस कार्ड वितरित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने बताया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण का कार्य सभी जनपदों में समयबद्ध रूप से पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर सहित अन्य अधिसूचित कार्मिकों का मानदेय एवं प्रशिक्षण भत्ता 31 जुलाई, 2026 तक उनके खातों में अनिवार्य रूप से हस्तांतरित कर दिया जाए। यदि मानदेय अथवा अन्य व्यय के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता हो तो तत्काल संबंधित विभाग को मांग भेजी जाए।
गोसंरक्षण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 100 से कम गोवंश वाले गोआश्रय स्थलों से गोवंशों को निकटवर्ती वृहद् गोसंरक्षण केंद्रों अथवा अस्थायी गोआश्रय स्थलों में तत्काल स्थानांतरित किया जाए, ताकि उपलब्ध क्षमता का पूर्ण उपयोग हो तथा निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने नए वृहद् गोसंरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए एक हेक्टेयर भूमि के पुनर्ग्रहण प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व से संचालित केंद्रों के समीप उपलब्ध अतिरिक्त भूमि पर विस्तार संबंधी प्रस्ताव भी भेजने को कहा।
उन्होंने बाढ़ एवं अतिवृष्टि के दृष्टिगत गोवंश की सुरक्षा के लिए वीबी-जी राम जी योजना से मिट्टी भराई, चबूतरे, अतिरिक्त पशु शेड, खड़ंजा निर्माण तथा जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इन्सीमिनेशन को गति देने तथा उपलब्ध अस्पतालों, केंद्रों एवं मानव संसाधनों का पूर्ण क्षमता से उपयोग करने पर भी बल दिया।
उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में यूरिया एवं फॉस्फेटिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिलाधिकारी नियमित मॉनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी केंद्र पर शून्य स्टॉक की स्थिति न बने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड से वंचित किसानों की पहचान कर उन्हे किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित किया जाए। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के द्वारा प्रशिक्षित किए जा रहे लाभार्थियों को सीएम युवा योजना से लाभान्वित कराया जाए।
छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि 5 अगस्त, 2026 तक मास्टर डाटाबेस लॉक हो जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्वदशम एवं दशमोत्तर स्तर के सभी विद्यालयों का विवरण समय से पोर्टल पर दर्ज कराया जाए ताकि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। जिलाधिकारी डीआईओएस के साथ बैठक कर छात्रवृत्ति वितरण में पूर्व वर्षों में आई समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें, जिससे इस वर्ष उनका पुनरावृत्ति न हो।
बैठक में डॉ. आम्बेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में समाज सुधारकों, महापुरुषों, सामाजिक न्याय के प्रणेतागण एवं सांस्कृतिक विभूतियों की प्रतिमाओं की सुरक्षा, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कराया जाना है। प्रत्येक परियोजना पर अधिकतम 10 लाख रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि जनपद में विधानसभावार परियोजना स्थल के विकास हेतु प्रस्ताव/आवेदन प्राप्त किए जाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। चिन्हित स्थल के विषयगत शासनादेश में वर्णित प्रक्रियानुसार स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन एवं आगणन तैयार करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त, 2026 है।
उन्होंने सभी जिलधिकारियों को निर्देशित किया 31 अगस्त, 2026 तक निविदा आमंत्रण सहित समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है और इसके अंतर्गत सभी कार्य उत्कृष्ट गुणवत्ता के हो।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एस.वी.एस.रंगा राव, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश, निदेशक जनगणना कार्य शीतल वर्मा, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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