अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: यूपीएसआईएफएस बना महिला शक्ति के उड़ान का आसमान

Mar 8, 2026 - 19:13
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: यूपीएसआईएफएस बना महिला शक्ति के उड़ान का आसमान

लखनऊ। पूरे विश्व में कहीं महिलाओं को आगे बढ़ाने के नए प्लेटफार्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं तो कहीं महिलाओं के बढ़ते कदम को खींचा भी जा रहा है। कहीं उनके मर्यादा और मानवाधिकार का हनन हो रहा है तो कहीं उन्हें उड़ान भरने का अवसर दिया जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ में अध्यनरत लड़कियों अथवा अध्यापनरत महिलाओं को देखें तो ऐसा महसूस हो रहा है कि यह संस्थान महिलाओं को विज्ञान, तकनीक और फॉरेंसिक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर एक बेहतर खुशनुमा माहौल उपलब्ध करा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संस्थान ने यह संदेश दिया कि शिक्षा, शोध और नवाचार के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना ही भविष्य के समावेशी और प्रगतिशील समाज की आधारशिला है।

संस्थान में इस समय लगभग 20 महिला फैकल्टी सदस्य कार्यरत हैं और विभिन्न पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। वर्तमान में फॉरेंसिक ग्रेजुएशन में लगभग 100 छात्राएं, फॉरेंसिक मास्टर्स में लगभग 30 छात्राएं, विधि में 54 छात्राएं तथा बी.टेक कार्यक्रम में 50 छात्राएं अध्ययनरत हैं। अगर एक दृष्टिकोण से देखा जाए तो संस्थान में महिलाओं की भागीदारी कहीं-कहीं 60 प्रतिशत से ज्यादा है।

यूपीएसआईएफएस प्रदेश का फॉरेंसिक विषय पर समर्पित इकलौता संस्थान है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थापना के बाद से फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में लड़कियों की रुचि और भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। संस्थान की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि इसके तीनों प्रमुख स्कूलों का नेतृत्व महिला डीन कर रही हैं। डॉ. सपना शर्मा स्कूल ऑफ फॉरेंसिक साइंस की डीन हैं, डॉ. प्रीति स्कूल ऑफ साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फॉरेंसिक की डीन हैं, जबकि डॉ. शाश्या मिश्रा स्कूल ऑफ लॉ, फॉरेंसिक जस्टिस एंड पॉलिसी स्टडीज़ की डीन के रूप में नेतृत्व कर रही हैं। यह नेतृत्व संस्थान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्त भूमिका का स्पष्ट उदाहरण है।

संस्थान परिसर में स्थापित ‘दक्ष इनोवेशन सेंटर’ के माध्यम से भी महिलाओं को इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और फॉरेंसिक आधारित स्टार्टअप्स विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह इनोवेशन हब छात्राओं को अपने विचारों को तकनीकी समाधान और स्टार्टअप में बदलने का मंच प्रदान कर रहा है।

दक्ष इनोवेशन सेंटर का संचालन डॉ कमलेश दुबे के साथ डॉ. नेहा सिंह के द्वारा किया जा रहा है, जो विशेष रूप से महिलाओं को नवाचार और स्टार्टअप की दुनिया में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके नेतृत्व में छात्राओं को शोध, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। 

यूपीएसआईएफएस का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक छात्राएं फॉरेंसिक साइंस, साइबर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी पहचान बनाएँ और भविष्य में देश की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें। महिला दिवस के अवसर पर संस्थान का यह प्रयास स्पष्ट करता है कि यूपीएसआईएफएस महिलाओं को न केवल शिक्षा बल्कि नेतृत्व, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी सशक्त मंच प्रदान कर रहा है।

डॉ जीके गोस्वामी संस्थापक निदेशक ने कहा कि नारी शक्ति की मर्यादा सम्मान सर्वाेपरि है यदि हम किसी महिला को सम्मान नहीं दे सकते तो हम भारत के विकास के बारे में सोच भी नहीं सकते, नारी सृष्टि की जननी है और जननी का स्थान सर्वाेच्च होता है। उन्होंने कहा कि संस्थापक निदेशक के तौर पर संस्थान में महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा एवं सम्मान हमारी प्राथमिकता है।

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