बेतवा नदी मे दिनरात गरज रही प्रतिबंधित पोकलेण्ड मशीने, खुलेआम हो रहा बालू का अवैध खनन, प्रशासन मौन

Feb 27, 2026 - 20:23
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बेतवा नदी मे दिनरात गरज रही प्रतिबंधित पोकलेण्ड मशीने, खुलेआम हो रहा बालू का अवैध खनन, प्रशासन मौन

सरीला (हमीरपुर)। अवैध खनन का गोरखधंधा जिले में खनिज विभाग के अधिकारियों की सरपरस्ती में धड़ल्ले से चल रहा है। शासन-प्रशासन से बेखौफ खनन पट्टाधारक हैवीवेट पोकलेन मशीनों से बेतवा नदी में बड़े स्तर पर खुदाई कर रहे हैं। खनन पट्टाधारकों की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौरंग खनन के लिए सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। 

पट्टाधारक नदी की जलधारा में खनन कर रहे हैं और जिले का खनिज विभाग खनन माफियाओं की कारगुजारियों पर मौन है। खनिज विभाग की सरपरस्ती में धड़ल्ले से चल रहा है अवैध खनन। अवैध खनन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को घेरने वाली भाजपा के राज में भी अवैध खनन का गोरखधंधा खनिज विभाग के अधिकारियों की सरपरस्ती में धड़ल्ले से चल रहा है। शासन प्रशासन से बेखौफ खनन पट्टाधारक इस कदर मनमानी पर उतर आए हैं कि वे हैवीवेट पोकलैंड मशीनों से बेतवा नदी का सीना छलनी करने में जुटे हैं। 

खनन पट्टाधारकों की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौरंग खनन के लिए सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए वे खुलेआम नदी की जलधारा में खनन कर रहे हैं और जिले का खनिज विभाग खनन माफियाओं की कारगुजारियों पर मौन है। सरीला तहसील के चंडौत गांव में बेतवा पुल के दोनों और हमीरपुर से संचालित खंड संख्या 1 और जालौन की कहटा से संचालित खंड का संचालन हो रहा है, जो सत्ताधारी पार्टी के दिग्गजों के करीबी होने का दावा करते हुए इस पूरे इलाके में अवैध रूप से मौरंग खनन में जुटे हुए है। इन खण्डों में रात-दिन पोकलैण्ड मशीनों से जबरदस्त तरीके से खनन किया जा रहा है। यहां नदी की जलधारा को भी कई जगहों से ब्रेक कर दिया गया है। 

मशीनों से खुदाई के कारण कहीं-कहीं नदी ने समुद्र जैसा रूप ले लिया है। खनन करने वालों को इससे कोई गुरेज नहीं है। यहां एनजीटी के नियम-कायदे भी हवा में उड़ाए जा रहे है। अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन की तमाम कवायद पर मौरंग माफिया पानी फेरने में जुटे हुए है।

इन खण्डों में करीब दो दर्जन के आसपास पोकलैण्ड मशीनें लगी हुई है। नदी की जलधारा से मौरंग निकालकर किनारे पर ढेर की जाती है और फिर दूसरी मशीन से इसे ट्रकों में लोड कर दिया जाता है। वहीं कुछ ऐसी ही तस्वीरो को देखकर लोग सरकार और सरकारी कर्मचारियों को कोसते नहीं थक रहे है। यहाँ खंड संचालन कर रही कंपनी ने खण्ड में बड़ी संख्या में प्रतिबंधित पोकलैण्ड मशीनों को उतार रखा है। जो रात-दिन नदी की जलधारा से मानकों के विपरीत मौरंग निकासी में जुटी हुई है।

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