कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि

Aug 21, 2025 - 20:48
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कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि

अलीगढ़। ताला नगरी अलीगढ़ में आयोजित तृतीय हिंदू गौरव दिवस एवं कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की चतुर्थ पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबूजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अपने उद्बोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री ने ’’वृंदावन बिहारी लाल की जय’’ और ’’जय श्रीराम’’ के उद्घोष से की। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेकर स्वयं को राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। एक शिक्षक, संघ कार्यकर्ता और भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की उनकी यात्रा प्रेरणादायक रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी ने 1977 में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा तय की, 1990 में कानून-व्यवस्था सुधार कर सुशासन की मिसाल पेश की और मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन में व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेकर श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा, बाबूजी ने कभी श्रेय लेने की होड़ में नहीं, बल्कि बलिदान की भावना से कार्य किया।

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सुशासन, सुरक्षा और विकास की जो मजबूत नींव दिख रही है, उसकी आधारशिला बाबूजी ने अपने कार्यकाल में रखी थी। डबल इंजन की सरकार उन्हीं आदर्शों पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर में बने मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी कैंसर हॉस्पिटल का नामकरण श्रद्धेय बाबूजी के नाम पर किया गया है और उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

सीएम योगी ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि पहले की सरकारों में दंगे, अराजकता और तुष्टिकरण का माहौल था। त्योहारों पर रोक लगाई जाती थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की नीति पर संतुष्टीकरण का भाव कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब दंगा और माफिया मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि गुलामी के प्रतीकों को समाप्त कर भारत नए गौरव की अनुभूति कर रहा है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर इसका अनुपम उदाहरण है। उन्होंने धारा 370 की समाप्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती सहित प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उत्तर प्रदेश आज देश के विकास का ग्रोथ इंजन बन चुका है। विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है, परंतु जनता उनके मंसूबों को समझ चुकी है। अंत में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबूजी का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बाबूजी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए संस्मरण किया कि वह बाबूजी के साथ ही वर्ष 2004 में सांसद के रूप में संसद भवन पहुंचे। बाबूजी ने राष्ट्रवाद, समरसतावाद के सिद्वांतों पर सरकार की स्थापना कर जनकल्याण के लिए कार्य किए। वह केवल पिछड़ों के ही नेता नहीं थे बल्कि पूरे प्रदेश की जनता को लेकर साथ चलने वाले थे। बाबूजी के सिद्धातों को लेकर ही आज सबका साथ-सबके विकास की बुनियाद पर मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कार्य कर रही है।

वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्र ने बाबूजी के साथ संगठन एवं प्रदेश सरकार में किए गए कार्यों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि बाबूजी हिन्दुतान में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हिन्दुत्व के पुरोधा के रूप में विख्यात हुए। 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद उन्होंने बाबूजी के साथ पार्टी में महामंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली और बाबूजी को अध्यक्ष के रूप में 1986 में उत्तर प्रदेश कमान सौंपी गई। बाबूजी ने पार्टी स्थापना के पंच निष्ठाओं के साथ ही ’’गांव, गरीब किसान, झुग्गी झोंपड़ी का इंसान सभी का उत्थान, महिलाओं को सम्मान और युवाओं का उत्थान’’ का प्रण लेकर कार्य किया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री साध्वी उमा भारती ने बाबूजी के चरणों में अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि जब वह मात्र 11 वर्ष की थी तो अलीगढ़ में एक भजन कार्यक्रम में बाबूजी से भेंट हुई। 1977 में जब बाबूजी स्वास्थ्य मंत्री बने तो पत्र के माध्यम से उन्हें इसकी सूचना दी। उन्होंने संस्मरण सुनाया कि 06 दिसम्बर 1992 की घटना के बाद जब राष्ट्रीय एकता परिषद ने बाबूजी से प्रश्न किया कि बाबरी मस्जिद के ढ़ांचे को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी आपकी थी तो बाबूजी साफ शब्दों में जवाब दिया कि ’’मैं राम भक्तों पर गोली कैसे चलवा सकता था।’’

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बाबूजी के चरणों में नमन करते हुए कहा कि आज विपक्षी पार्टियां पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों की बात कर बांटो और राज्य करो के मूल मंत्र के साथ सत्ता हथियाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को बाबूजी को पद्म विभूषण से सम्मानित करने के लिए धन्यवाद देते हुए उन्हें ’’भारत रत्न’’ दिए जाने की भी बात रखी। उन्होंने बताया कि जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किया गया है अब समय है कि अलीगढ़ का नाम ’’हरिगढ़’’ होना चाहिए। बाबूजी के नेतृत्व में पहली बार उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और फिर 2017 से मुख्यमंत्री ने सरकार का नेतृत्व किया है और अब पुनः 2027 में भाजपा की सरकार प्रदेश में बनाने के लिए आप सभी के अमूल्य सहयोग की आवश्यकता है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बाबूजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बाबूजी ने एक शिक्षक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक कार्यकर्ता, स्वास्थ्यमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया। उन्होंने न केवल अपने साथ कार्य करने वालों का सदैव सम्मान किया बल्कि अन्त्योदय के प्रणेता के रूप में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सरकार की विकास योजनाओं की अनुभूति कराई। आज बाबूजी के सिद्धांतों पर ही सनातन धर्म की पताका को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी ने बाबूजी के लिए अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बाबूजी के जीवन का महत्व हम सभी को समझना चाहिए। आज वह हमारे बीच नहीं है फिर भी उनकी विचारधारा अनुकरणीय है। उन्होंने राष्ट्रवाद की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए जो कार्य किए उसकी सर्वत्र चर्चा है और देश व प्रदेश की राजनीति में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

पूर्व सांसद एटा एवं कार्यक्रम आयोजक राजवीर सिंह ’’राजू भैय्या’’ ने सभी अतिथियों एवं आगंतुको का बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ’’राम काज कीने बिनु मोहि कहां विश्राम’’ को बाबूजी ने चरितार्थ करने का कार्य किया। उन्होंने प्रदेश में दो बार दंगा रहित, बिना पक्षपात व जातिवाद के सरकार का कुशल संचालन किया। उन्होंने प्रण लिया था कि किसी रामभक्त की जान नहीं लेंगे और इसके लिए उन्होंने साथ शब्दों में कहा कि ’’गोली नहीं चलाउंगा, गोली नहीं चलाउंगा, गोली नहीं चलाउंगा’’ और अपने इस प्रण की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री पद का भी सहर्ष त्याग कर दिया। उन्होंने उपस्थित अपार जनसमूह से आव्हान किया कि हमारी एकता के कारण ही केंद्र व प्रदेश में लोक कल्याणकारी सरकार है जिसे आगे भी कायम रखने की आवश्यकता है।

सांसद उन्नाव एवं आचार्य महामण्डलेश्वर डा0 स्वामी सच्चिदानन्दहरि साक्षी महाराज ने बाबूजी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि युगों-युगों में कल्याण सिंह जी जैसे व्यक्तित्व पैदा होते हैं। वह दो बार प्रदेश के मुखिया बने और दो-दो राज्यों के राज्यपाल रहे लेकिन कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया।

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने बाबूजी को नमन करते हुए कहा कि बाबूजी ने राजनीति को कभी सत्ता का साधन नहीं समझा, वह किसी भी पद पर रहे हों उनके व्यवहार में कभी परिवर्तन नहीं आया। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि अलीगढ़ में एसएसपी के रूप में तैनाती के समय श्रद्धेय बाबूजी का भरपूर मार्गदर्शन और सहयोग मिला जिससे बाबूजी के लॉ एण्ड ऑर्डर पर उनकी पकड़ को नजदीक से अनुभव किया। 

गन्ना विकास एवं चीनी मिलंे और जनपद प्रभारी मंत्री मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बाबूजी को नमन करते हुए कहा कि वह अपनी जुबान के धनी थे। नकल विहीन परीक्षा का जो उन्होंने प्रण लिया उसे धरातल पर मूर्त रूप दिया। उन्होंने कभी अगड़े-पिछड़े की राजनीति नहीं की बल्कि सभी को विकास की राह में साथ लाने का कार्य किया। वह सच्चे मायनों में हिन्दू हृदय सम्राट थे।

वरिष्ठ भजपा नेता एवं बजरंग दल संयोजक विनय कटियार बाबूजी के साथ राम जन्मभूमि आन्दोलन को याद कर उनके चरणों में नमन किया और कहा कि कल्याण सिंह जी के विषय में रामजन्म भूमि आन्दोलन को तो सभी जानते हैं लेकिन वह एक कुशल प्रशासक भी थे। बाबूजी ने रामभक्तों का रास्ता न रोककर भव्य राम मंदिर निर्माण के मार्ग को प्रशस्त किया।

पूर्व राज्यसभा सदस्य गंगाचरण राजपूत ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के अलावा भी बाबूजी का दूसरा पहलू भी है, वह सामाजिक समरसता और सोशल इंजीनियरिंग के पुरोधा थे। उन्होंने सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से पिछड़ी जातियों को संगठन से जोड़ा। आज मोदी जी समेत पूरा संगठन बाबूजी के सिद्धांतों का अनुकरण कर रहा है। उन्होंने बाबूजी के नाम पर सभी विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित करने की भी बात रखी। मा0 सांसद श्री घनश्याम सिंह लोधी ने बाबूजी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बाबूजी कहीं नहीं गए हैं। वह एक विचारधारा हैं और हम सभी की दिलों में बसते हैं। उन्होंने विवादित ढ़ांचे को ढ़हाया। बाबूजी सनातन के सच्चे नेता हैं। म

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने श्रद्धाजंलि देते हुए कहा कि जिन्होंने बाबूजी की जीवनशैली, शासन व सत्ता को देखा है वह सभी जानते हैं कि बाबूजी महान व्यक्तित्व के धनी थे। बाबूजी प्रदेश ही नहीं देश की राजनीति के प्रहरी हैं। आज उस महान नेता को स्मरण करने के लिए हम सभी उपस्थित हुए हैं। ठा0 रघुराज सिंह ने बाबूजी को नमन करते हुए कहा कि संगठन में रहते हुए उन्होंने बाबूजी के साथ देशभर में भ्रमण किया और राजनीति का ककहरा सीखा। 

विधायक वीरेन्द्र सिंह राना ने बाबूजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज हम सभी उनके कारण ही भव्य श्रीराम मंदिर के दर्शन कर पा रहे हैं। विधायक छोटेलाल ने बाबूजी को नमन करते हुए कहा कि 06 दिसंबर 1992 की घटना के बाद बाबूजी ने राम मंदिर निर्माण की खातिर अपनी गद्दी को त्याग दिया। बाबूजी ने बिना जाति धर्म देखे सभी को आगे बढ़ाने का कार्य किया। 

कार्यक्रम के अन्त में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का धन्यवाद ज्ञापित है। इस अवसर पर बाबूजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित लघु फिल्म भी देखी और सुनी गई। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह डिजिटली माध्यम से श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जुड़े और अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

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