विनियमन समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

Jul 25, 2025 - 20:20
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विनियमन समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कलक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति की सभापति डॉ0 प्रज्ञा त्रिपाठी ने की। समीक्षा में समिति के सदस्य डा0 जयपाल सिंह ’’व्यस्त’’, डा0 रतनपाल सिंह, डा0 तारिक मंसूर, चौ0 ऋषिपाल सिंह द्वारा भी सभापति का सहयोग किया गया। बैठक में जिले से संबंधित विगत दो वर्षों की विधान कार्यवाही, सदन में प्रस्तुत सूचनाओं, विशेषाधिकार हनन, जनप्रतिनिधियों के पत्राचार और उनके निस्तारण की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। 

बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा नियम-105, 110, 115, 111, 39, 39(क) और 223 के अंतर्गत सदन में प्रस्तुत सूचनाओं का पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया गया। समिति ने सूचनाओं पर हुई कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विधानमंडल से प्राप्त किसी भी पत्र या सूचना के निस्तारण में कोई ढिलाई न हो और उत्तर गुणवत्तापरक व समयबद्ध हों। समिति ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रस्तुतिकरण की भूरि भूरि प्रशंसा की।

विधान परिषद सदस्य जगवीर किशोर जैन द्वारा मण्डल गठन के लगभग 10 वर्षों बाद भी मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के पद सहित अन्य स्वीकृत पदों के सृजन न होने पर चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने बताया कि इससे शिक्षकों के सेवा उपरांत देयकों के भुगतान में विलंब हो रहा है। समिति ने इस विषय पर डीआईओएस द्वारा प्रस्तुत उत्तर को असंतोषजनक मानते हुए 15 दिन के भीतर 5 बिंदुओं पर विस्तृत आख्या सदन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीआईओएस ने बताया कि वर्तमान में किसी शिक्षक या कर्मचारी का वेतन अवरुद्ध नहीं है। 

सदस्य मानवेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा उठाए गए एक बिंदु पर जवाब देने के लिए अधिशासी अभियंता पवन यादव उपस्थित रहे, लेकिन महाप्रबंधक हरदुआगंज तापीय परियोजना की अनुपस्थिति पर समिति ने असंतोष जताया। इसी क्रम में उमेश द्विवेदी एवं श्री सिंह द्वारा एक ग्राम पंचायत में पक्के मार्ग निर्माण की मांग को गंभीरता से लेते हुए समिति ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत की छोटे सीमा क्षेत्र व संसाधन की कमी के बावजूद उक्त मार्ग निर्माण की कार्यवाही की जाए। क्वार्सी क्षेत्र में भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला सिविल प्रकृति का पाया गया है, समिति ने कहा कि अवैध कब्जा हटाने की शर्त पर प्रकरण समाप्त किया जा सकता है। 

जलभराव से संबंधित सदस्य जगवीर किशोर जैन के प्रश्न के उत्तर में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा द्वारा जल निकासी के लिए अपनाई गई रणनीति से समिति संतुष्ट रही और प्रकरण समाप्त किया गया। बैठक में बताया गया कि नगर निगम में सम्मिलित ग्रामों के विकास के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जा चुकी है और शासन से अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। समिति ने इन वार्डों में शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्ययोजना शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रदेश भर में शहरों की प्रभावी जल निकासी के लिए प्रदेश सरकार द्वारा टोपोग्राफी के गहन अध्ययन के लिए निजी संस्था के लिए 06 करोड़ रूपये का बजट जारी किया है जोकि आगामी 06 माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, योजना के प्रथम चरण में अलीगढ़ महानगर को भी शामिल किया गया है। 

एसपी क्राइम ममता कुरील ने बताया कि 11 मार्च को लापता व्यक्ति को बरामद कर लिया गया है। अतरौली में सहकारी बैंक के स्थानांतरण की मांग और पुराने प्रकरणों पर उठाए गए सवालों के सापेक्ष समिति ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग ने बताया कि जिले में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हैं और सभी सहकारी समितियों पर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पशुपालन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जिले के 143 गौ आश्रय स्थलों में लगभग 31,500 गौवंश संरक्षित हैं तथा 2 गौशालाएं नगर निगम द्वारा संचालित की जा रही हैं। समिति ने चारा प्रबंधन, टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया को और प्रभावी ढंग से प्रचारित करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित कुमार ने जानकारी दी कि आश्रम पद्धति विद्यालय निर्माणाधीन है, जबकि विभाग द्वारा वर्तमान में कोई अन्य विद्यालय संचालित नहीं किया जा रहा। गन्ना अधिकारी मनोज पाण्डेय ने बताया कि 99 प्रतिशत से अधिक गन्ना भुगतान हो चुका है। गोपी लधौआ प्रकरण में 2013 से लंबित 1.81 करोड़ की आरसी जारी है और 4 अगस्त को नीलामी की कार्यवाही प्रस्तावित है। साथा चीनी मिल में कोई बकाया नहीं है। हथकरघा विभाग ने पावरलूम के 10 कनेक्शन होने की जानकारी दी।

समिति के सदस्यगणों ने वन, प्रदूषण एवं अग्निशमन विभाग को एनओसी की प्रक्रिया सहज बनाने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए मथुरा एवं सम्भल के प्लांट उपयोग किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने बताया कि विगत वर्ष 502 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें अधिकांश कार्ययोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। समिति ने सुझाव दिया कि धर्मार्थ कार्य विभाग के माध्यम से पर्यटन विकास की परियोजनाओं को गति प्रदान की जाए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा बताया गया कि इस वर्ष 681 उपकरण प्राप्त हुए हैं, 500 से अधिक पूर्व में वितरित किए जा चुके हैं।

बैठक के अंत में सभापति डॉ0 प्रज्ञा त्रिपाठी ने प्रस्तुतिकरण की सराहना करते हुए समिति की अनुशंसाओं के प्रभावी अनुपालन की अपेक्षा जताई। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने समिति के सभापति एवं सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के मुद्दों पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। बैठक का संचालन पीडी भाल चन्द त्रिपाठी द्वारा किया गया। इससे पर सीडीओ प्रखर कुमार सिंह एवं डीडीओ आलोक आर्या द्वारा समिति के सदस्यों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का पुष्प गुच्छ, प्रतीक चिन्ह एवं पौधे भेंटकर स्वागत व सम्मान किया गया।

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