अज्ञानता और लालच ही साइबर फ्रॉड की सबसे बड़ी वजह, सेफर इंटरनेट डे पर कलेक्ट्रेट में हुई जागरूकता कार्यशाला

Feb 10, 2026 - 19:47
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अज्ञानता और लालच ही साइबर फ्रॉड की सबसे बड़ी वजह, सेफर इंटरनेट डे पर कलेक्ट्रेट में हुई जागरूकता कार्यशाला

अलीगढ़। सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को लेकर एनआईसी द्वारा जनजागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता परियोजना निदेशक भालचंद त्रिपाठी ने की। 

कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे परियोजना निदेशक भालचंद त्रिपाठी ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही सावधानी की भी आवश्यकता है। इस तरह की कार्यशालाएं आमजन को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहायक हैं।

वर्कशॉप का उद्देश्य आमजन को साइबर फ्रॉड से बचाव, डिजिटल सतर्कता और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप निरीक्षक बिपिन ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि साइबर फ्रॉड का सबसे बड़ा कारण हमारी अज्ञानता और लालच है। किसी भी अनजान लिंक, कॉल या लालच भरे संदेश पर बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया देना हमें अपराधियों का शिकार बना देता है।

उन्होंने डिजिटल लेन-देन, सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्स के सुरक्षित उपयोग से जुड़े व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। वहीं आशु चौधरी ने साइबर अपराध की स्थिति में शिकायत प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नम्बर 1930 अथवा संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर की गई शिकायत से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते समय अपना यूटीआर नंबर समय, और तारीख सही-सही भरना है। उन्होंने पासवर्ड सुरक्षा, ओटीपी साझा न करने और फर्जी निवेश योजनाओं से बचने पर विशेष जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान एडी सूचना संदीप कुमार एपीके फ़ाइल डाउनलोड करने एवं जिला बचत अधिकारी पीयूष कुमार द्वारा इंटरनेट बैंकिंग एवं साइबर सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाएं रखी गईं, जिनका समाधान उप निरीक्षक बिपिन एवं आशु चौधरी ने अत्यंत सरल, सहज एवं ज्ञानवर्धक तरीके से किया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यशाला को उपयोगी और समयानुकूल बताया।
कार्यशाला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सतर्कता, सही जानकारी और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। 

कार्यशाला के अंत में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विनोद कुमार ने सभी उपस्थित आए अधिकारियों कर्मचारियों का आभार प्रकट किया।

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