स्टॉक एवं बिक्री अभिलेखों में अनियमितता मिलने पर इफको किसान सेवा केंद्रों सहित चार संस्थानों को नोटिस

Jun 11, 2026 - 20:17
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स्टॉक एवं बिक्री अभिलेखों में अनियमितता मिलने पर इफको किसान सेवा केंद्रों सहित चार संस्थानों को नोटिस

अमेठी, संवाददाता। जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से जिला कृषि अधिकारी देवेन्द्र सिंह निरंजन द्वारा गुरुवार को विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। 

निरीक्षण के दौरान अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर इफको किसान सेवा केंद्र गौरीगंज, इफको किसान सेवा केंद्र जायस तथा साधन सहकारी समिति लिमिटेड ब्रहमनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं साधन सहकारी समिति लिमिटेड ओदारी निरीक्षण के समय बंद पाए जाने पर उसे भी नोटिस जारी किया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि संबंधित संस्थानों में स्टॉक एवं उर्वरक वितरण अभिलेख पूर्ण रूप से अद्यतन नहीं पाए गए, जिसके कारण नियमानुसार स्पष्टीकरण मांगा गया है। 

उन्होंने जनपद के सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि बिक्री रजिस्टर में उपलब्ध विवरणों के अतिरिक्त प्रत्येक किसान का मोबाइल नंबर, खतौनी नंबर तथा फार्मर आईडी का अंकन अनिवार्य रूप से किया जाए। निर्देशों का अनुपालन न करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों को बोई गई फसल के अनुसार निर्धारित मानकों के तहत ही उर्वरकों का वितरण किया जाए। प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी डीएपी एवं सात बोरी यूरिया उर्वरक की बिक्री ही की जाएगी तथा बिक्री अभिलेखों में खतौनी संख्या, मोबाइल नंबर एवं फार्मर आईडी का उल्लेख अनिवार्य होगा। 

जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उर्वरकों की टैगिंग नहीं की जाएगी। सभी उर्वरक विक्रेताओं के पास स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर, रेट बोर्ड, कैश मेमो तथा भारत सरकार द्वारा उर्वरकों पर दी जा रही सब्सिडी संबंधी सूचना पट्ट अथवा वॉल राइटिंग उपलब्ध होना आवश्यक है। साथ ही पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में किसी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। 

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर में अनुदानित उर्वरकों के अतिरिक्त जिंक, सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रो न्यूट्रिएंट), सल्फर तथा जैव एवं जैविक उर्वरकों का विवरण भी अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी विक्रेता के यहां नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसका लाइसेंस निरस्त करते हुए विधिक कार्रवाई की जाएगी। 

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा तथा उर्वरकों के पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करने के लिए जनपद में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।

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