18 मंडलों में पर्यटन परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा कर रही है प्रदेश सरकार - जयवीर सिंह

Jul 24, 2026 - 18:20
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18 मंडलों में पर्यटन परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा कर रही है प्रदेश सरकार - जयवीर सिंह

सहारनपुर, संवाददाता। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को सहारनपुर मंडल के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग से संबंधित प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की सर्किट हाउस सभागार में समीक्षा करते हुए धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। 

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर मंथन किया गया। पर्यटन सुविधाओं के सृजन, तीर्थ स्थलों के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दी गई। इसी के साथ मण्डल में निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गयी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होने सभी कार्यदायी संस्थाओं को सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ नवम्बर माह तक प्रत्येक स्थिति में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होने निर्देश दिए कि कार्यों के भूमिपूजन, शिलान्यास, लोकार्पण कार्यक्रमों की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधि को देते हुए उन्हें आमंत्रित किया जाए। जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उनके महत्वपूर्ण सुझावों को भी लिया जाए।

जनपद सहारनपुर में कुल 33 परियोजनाएं निर्माणाधीन है जिसमें से 14 पूर्ण हो चुकी है। इनके अन्तर्गत शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ में टीएफसी, पार्किंग, साइनेज, प्रवेश द्वार, मार्ग प्रकाश व्यवस्था, लैण्ड स्केपिंग फुटपाथ, वाटर फाउण्टेन बाउण्ड्रीवाल, ओपर एयर थिएटर, टॉयलेट ब्लॉक एवं शॉविनियर शॉप, पदयात्रा में सुविधाओं का होना, पर्यटक आवास गृह, जडौदा पाण्डा में जूड मंदिर, कायस्थवाडा में राधावल्लभ मंदिर आदि कार्य शामिल है।

शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ में चल रहे विकास कार्यों की भी मंत्री ने समीक्षा की। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से शक्तिपीठ तक जाने वाले मार्ग पर भक्ति संगीत एवं साउंड सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। मंत्री ने शक्तिपीठ में लगभग रू0 21.04 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पर्यटक आवास गृह तथा लगभग रू0 9.01 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही पर्यटक सुविधाओं सहित सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में पर्यटन विभाग के कुल 14 प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें सहारनपुर के 8, मुजफ्फरनगर के 5 तथा शामली का 1 प्रस्ताव शामिल हैं जिनकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रुपए है। प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत मंदिर परिसरों में बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल सुविधा, साइनेज विद क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग सहित विभिन्न पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर उन्हें प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जाएगी।

सहारनपुर जनपद के प्रस्तावों में संत शिरोमणि रविदास मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, संत रविदास स्थल, ठाकुरद्वारा मंदिर, श्री सतगुरु समनदास स्थल तथा देवबंद के प्राचीन सदाशिव महादेव मंदिर का विकास शामिल है। उल्लेखनीय है कि देवबंद स्थित सदाशिव महादेव मंदिर परियोजना को पूर्व में ही लगभग 1.61 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इन स्थलों को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही मुजफ्फरनगर जनपद के प्रस्तावों में शिव मंदिर, बाबा हरिदास मंदिर, सिद्धपीठ संत रविदास मंदिर तथा गो माता मंदिर के विकास के साथ-साथ शुकतीर्थ के पर्यटन विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
 
शामली जनपद के शामली सदर विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्राम आदमपुर के प्राचीन पृथ्वी वाला मंदिर के पर्यटन विकास का प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। परियोजना के तहत मंदिर परिसर में आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास कर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

धर्मार्थ कार्य विभाग की ओर से सहारनपुर जनपद में सात प्राचीन शिव मंदिरों के जीर्णाेद्धार और संरक्षण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इनमें पुवारका, खजुरी अकबरपुर, सकलापुरी, दीनारपुर, चुनहटी शेख, भाऊपुर तथा तेरीपुरा के शिव मंदिर शामिल हैं। लगभग 1.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले मंदिरों के संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। इन स्थलों पर शिवरात्रि, नवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

संस्कृति विभाग की ओर से नकुड़ विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के जीर्णाेद्धार और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ रामलीला मैदान को स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

बैठक में पर्यटन विभाग की वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान स्वीकृत निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जिला प्रशासन को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने तथा निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मुजफ्फरनगर स्थित शुकतीर्थ धाम में पर्यटन विकास से जुड़ी पूर्ण हो चुकी और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे शुकतीर्थ धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इस क्रम में लगभग 21.24 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटक सुविधा केंद्र (टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर) का निर्माण, करीब 6.44 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख मार्गों पर म्यूरल एवं साइनेज कार्य, लगभग 19.91 करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य गंगा घाट का सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास, करीब 4.80 करोड़ रुपये की लागत से श्रीमद्भागवत कथा केंद्र का विकास तथा लगभग 12.68 करोड़ रुपये की लागत से साउंड, लाइट एवं लेजर शो परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनके पर्यटन अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाना तथा शुकतीर्थ धाम को उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित कर उसकी पहचान को और सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी 18 मंडलों में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा कर रही है, ताकि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा सके और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।


बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सहारनपुर मांगेराम चौधरी, विधायक नगर राजीव गुम्बर, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नकुड़ मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, जिला पंचायत अध्यक्ष मुजफ्फरनगर डॉ0 वीरपाल निरवाल, विधायक बुढाना राजपाल बालियान, विशेष सचिव मृदुल चौधरी, जिलाधिकारी सहारनपुर अरविंद कुमार चौहान, निदेशक ईको टूरिज्म बोर्ड पुष्प कुमार सहित जनपद के अधिकारीगण, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसी के साथ वर्चुअल मोड में मुजफ्फरनगर एवं शामली के जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर उमेश मिश्रा बैठक से जुडे।

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