मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनगणना कार्य की प्रगति तथा टीजीटी लिखित परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
लखनऊ, संवाददाता। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनगणना कार्य की प्रगति तथा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित की जाने वाली टीजीटी लिखित परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनगणना कार्य की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत प्रदेश में हाउस लिस्टिंग का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। जिन क्षेत्रों में यह कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां आगामी दो दिवस के भीतर कार्य प्रारंभ कराया जाए। इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जनगणना कार्य में सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी स्तर पर माइक्रो मॉनीटरिंग करते हुए जनगणना कार्य को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण कराया जाए।
टीजीटी लिखित परीक्षा के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षाओं के संबंध में उत्तर प्रदेश शासन की “जीरो टॉलरेन्स” नीति को पूरी गंभीरता एवं सख्ती के साथ लागू रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं एक दिन पूर्व ही पूर्ण कर ली जाएं तथा सीसीटीवी कैमरों का संचालन जनपद एवं आयोग के कंट्रोल रूम से समन्वित रूप से करते हुए पूर्वाभ्यास भी सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा कार्य में केवल अच्छी छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ही तैनाती की जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सघन जांच एवं फ्रिस्किंग की जाए। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा निर्धारित पृथक कक्ष में ही ली जाए। दिव्यांग अभ्यर्थियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की भी समुचित जांच सुनिश्चित की जाए। प्रश्नपत्र एवं अन्य गोपनीय सामग्री का भंडारण जनपद के नोडल अधिकारी की प्रत्यक्ष निगरानी में कोषागार के डबल लॉक में कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर छाया, पेयजल, ओआरएस एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। परीक्षा अवधि के दौरान यातायात प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा पेयजल उपलब्धता को सुचारु रखा जाए। साथ ही आयोग के प्रेक्षकों के साथ सतत संवाद एवं समन्वय बनाए रखा जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान जनपद एवं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी रखी जाए। परीक्षा कार्य हेतु आवश्यक कार्मिकों की समय से तैनाती तथा उनका समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। कोषागार से प्रश्नपत्र एवं अन्य गोपनीय सामग्री की निकासी निर्धारित केंद्र एवं सीरीज के अनुरूप ही की जाए तथा सामग्री को समयबद्ध ढंग से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाए।
बैठक में अवगत कराया गया कि टीजीटी लिखित परीक्षा दिनांक 03 एवं 04 जून, 2026 को प्रदेश के 36 जनपदों में स्थापित 614 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। प्रथम पाली प्रातः 09ः30 बजे से 11ः30 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 02ः30 बजे से 04ः30 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा में कुल 8,68,531 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। सर्वाधिक परीक्षा केंद्र लखनऊ जनपद में बनाए गए हैं।
बैठक में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एम.पी.अग्रवाल, निदेशक जनगणना कार्य शीतल वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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