विद्युत करंट से हुई दुखद घटना के बाद जनप्रतिनिधियों ने दिखाई संवेदनशीलता, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
अलीगढ़, संवाददाता। गुरुवार को विद्युत करंट से हुई अत्यंत दुखद घटना के उपरांत जनभावनाओं एवं विद्युत सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभारी जिलाधिकारी एवं सीडीओ योगेंद्र कुमार, कोल विधायक अनिल पाराशर एवं विधायक शहर मुक्ता संजीव राजा ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर सुरक्षा व्यवस्थाओं, विभागीय जवाबदेही एवं भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की।
विधायकों ने विद्युत अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना में मृतका के आश्रित को जल्द से जल्द औपचारिकता पूर्ण कराते हुए नियमानुसार 5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करें।
बैठक में विधायक कोल अनिल पाराशर ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटनाएं पूर्व सूचना देकर नहीं आतीं, इसलिए विभाग की वास्तविक परीक्षा उसकी संवेदनशीलता और तत्परता से होती है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद विभागीय अधिकारियों की अपेक्षित संवेदनशीलता दिखाई नहीं दी, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्युत सुरक्षा के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और वर्षा ऋतु से पूर्व सभी आवश्यक सुरक्षात्मक तैयारियां समयबद्ध रूप से सुनिश्चित हों।
दोनों विधायकगणों ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत विभाग और आमजन के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाए ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षण एवं रखरखाव में जहां भी कमी पाई जाए, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्युत भार बढ़ाए बिना लगातार नए कनेक्शन दिए जाने पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन आवश्यक है। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा धनराशि एवं समायोजन राशि को एकमुश्त लेने के बजाय शिविर आयोजित कर चार आसान किस्तों में जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिन उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया जा रहा है, उनके घर विभागीय अधिकारी स्वयं जाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खराब ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समयसीमा में बदला जाए, ट्रांसफार्मरों का परिवहन केवल विभागीय वाहनों से किया जाए और झूलती विद्युत केबलों एवं अन्य संभावित जोखिमों को तत्काल दूर किया जाए।
मुख्य अभियंता विद्युत अरविंद नायक ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक घटना है और विभाग इसकी गंभीरता को पूरी संवेदनशीलता के साथ देख रहा है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों के समय पर मौके पर न पहुंचने के प्रकरण की जांच कराई जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व 2 संविदा कार्मिकों की बर्खास्तगी के साथ एक जेई को निलंबित करते हुए दो अधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि कोल विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपये और शहर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 88 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत सुरक्षा एवं सुदृढ़ीकरण संबंधी कार्य कराए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मध्य जून से सितंबर तक का समय विभाग के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहता है। पूर्व में जहां लगभग 450 मेगावाट का लोड रहता था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 800 मेगावाट तक पहुंच चुका है। वर्षा के दौरान जलभराव और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण जोखिम बढ़ जाता है, इसलिए विभाग द्वारा नियमित रूप से एहतियाती निरीक्षण एवं लीकेज करंट की जांच भी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं और प्राप्त सभी सुझावों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में मुख्य अभियंता ने बिजनेस प्लान 2026-27 के अंतर्गत अलीगढ़ वितरण क्षेत्र में प्रस्तावित महत्वपूर्ण विकास एवं सुरक्षा कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अतरौली ब्लॉक के कमालपुर में एक नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा और तीन नई 33 केवी विद्युत लाइनें स्थापित होंगी। शहर के जमालपुर, इगलास एवं अतरौली न्यू उपकेंद्रों पर पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त पूरे वितरण क्षेत्र में 701 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि, 276 नए वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना, 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी लाइनों पर सैकड़ों नए पोल लगाने और जर्जर विद्युत तारों को बदलने का व्यापक कार्य कराया जाएगा। इन कार्यों से विद्युत आपूर्ति अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बनेगी तथा उपभाक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि विद्युत सुरक्षा केवल विभाग की नहीं बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अभियंता अरविंद कुमार नायक ने कहा कि बैठक में विधायकगणों द्वारा जो भी सुझाव एवं निर्देश दिए गए हैं उनका अक्षरसः अनुपालन कराया जाएगा।
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