वन विभाग की मिलीभगत से फल-फूल रहा अवैध लकड़ी का काला कारोबार

Apr 4, 2026 - 20:53
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वन विभाग की मिलीभगत से फल-फूल रहा अवैध लकड़ी का काला कारोबार

राठ (हमीरपुर), संवाददाता। एक ओर जहाँ सरकार एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण करा रही है। वहीं हमीरपुर जिले के राठ विधानसभा क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय वन विभाग की कथित सांठगांठ से क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक अवैध लकड़ी की अड्डियां धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं, जिससे क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ रहा है।

ताजा मामला जलालपुर रोड स्थित आरा मशीनों का है, जहाँ नीम जैसे वर्षों पुराने और प्रतिबंधित हरे पेड़ों को काटकर उनकी चिराई की जा रही है। वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह विशालकाय नीम के पेड़ काटकर आरा मशीन के सामने रखे गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये लकड़ी माफिया न केवल स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं, बल्कि अंतर्जनपदीय और अंतरराज्यीय व्यापारियों के साथ मिलकर ट्रकों के जरिए लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि राठ के प्रमुख चौराहों से दिन भर लकड़ी से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सूचना देने के बावजूद जाँच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। एक तरफ नए पौधे रोपे जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ दशकों पुराने पेड़ों को माफिया और विभाग की जुगलबंदी खत्म कर रही है।

हमीरपुर जनपद में सरकारी योजनाओं के तहत लाखों पेड़ रोपने का दावा किया जा रहा है, वहीं ज़मीनी हकीकत यह है कि लकड़ी माफियाओं ने क्षेत्र को हरियाली विहीन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषी वन कर्मियों और माफियाओं पर क्या कार्रवाई करते हैं। वन क्षेत्र अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया की जानकारी मिली है जाँच कर कार्यवाही की जाएगी।

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