”जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित“ विषय पर गोष्ठी का हुआ आयोजन

Jul 22, 2025 - 19:44
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”जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित“ विषय पर गोष्ठी का हुआ आयोजन

आजमगढ़।  ”भूजल सप्ताह, दिनांक 16 से 22 जुलाई,-2025“ के आयोजन के अर्न्तगत भूगर्भ जल विभाग, खण्ड-आजमगढ द्वारा मंगलवार को समापन समारोह का आयोजन राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज, रैदोपुर, जनपद-आजमगढ़ में किया गया। जिसमें इस वर्ष के कार्यक्रम के मुख्य विचार बिन्दु ”जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित“ पर विद्यालय के छात्राओं को भूजल संचयन/संवर्धन के क्षेत्र में और प्रभावी ढंग से जागरूक किये जाने हेतु एक गोष्ठी का आयोजन विद्यालय सभागार में किया गया। 

गोष्ठी में विद्यालय की प्रधानाचार्यारूबी खातून एवं अन्य शिक्षकगण की सराहनीय सहभागिता रही। लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियन्ता राजेश कुमार गुप्ता एवं भू0ज0वि0, खण्ड-आजमगढ़ की ओर से आनन्द प्रकाश हाइड्रोलॉजिस्ट, राशिद अली, अवर अभियन्ता, धर्मेन्द्र कुमार, वरिष्ठ सहायक एवं विभाग के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। 

”भूजल सप्ताह-2025“ के इस आयोजन को शासन स्तर पर जारी निर्देशों के क्रम में मण्डल स्तर पर भूगर्भ जल विभाग द्वारा एवं जनपद स्तर पर लघु सिंचाई विभाग द्वारा भूजल सप्ताह विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आयोजित किया गया। भूजल सप्ताह का मुख्य उद्देश भूजल के संचयन, संवर्धन एवं इसके विवेकपूर्ण उपयोग व वर्तमान में उत्पन्न भूजल संकट को रोकने, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन प्रणाली को वैज्ञानिक रिचार्जिंग विधा को अपनाने के प्रयासों पर आधारित रहा। 

भूगर्भ जल के क्षेत्र में प्रभावी क्रियान्वयन किये जाने हेतु लघु सिंचाई के विभाग के सहायक अभियन्ता राजेश कुमार गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को भूजल की महत्ता समझाते हुए बताया कि पृथ्वी पर जल की उपलब्धता वर्षा जल पर निर्भर है एवं सतही जल नदी, तालाब के रूप में उपलब्ध है तथा पेय जल के रूप में भू-गर्भ जल ही मुख्य केन्द्र बिन्दु है। इसके अतिदोहन से भूजल स्तर गिरता जा रहा है, जल की हर एक बूंद को बचाने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। श्री आनन्द प्रकाश, हाइड्रोलॉजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग द्वारा भूगर्भ जल केे विवेकपूर्ण उपयोग एवं व्यापक प्रबन्धन किये जाने हेतु छात्राओं को किस प्रकार भूजल संचयन/संवर्धन किया जाये, विषयवस्तु पर अपने विचार साझा करने के साथ ही विद्यालय परिसर में विभाग द्वारा स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली को भौतिक रूप दिखाते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उसके बारे में छात्राओं को विस्तृत जानकारी दी गयी।

भूजल सप्ताह के समापन समारोह में उपस्थित समस्त अधिकारीगण, शिक्षकगण, छात्रओं एवं कर्मचारीगण को आनन्द प्रकाश, हाइड्रोलॉजिस्ट द्वारा भूजल संचयन/संवर्धन हेतु ‘‘भूजल शपथ‘‘ भी दिलायी।

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