जिलाधिकारी के अध्यक्षता में शिक्षक उन्मुखीकरण के संबंध में कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न
मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में लगातार कम छात्र उपस्थिति वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/ प्रभारी प्रधानाध्यापकों का उन्मुखीकरण के संबंध मे कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया।
इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि विगत चार महीने में जनपद के 61 विद्यालयों में छात्र उपस्थित 70 प्रतिशत से कम लगातार बनी हुई है, जबकि जनपद के कुल 1208 विद्यालयों में से शेष 1147 परिषदीय विद्यालयों में छात्र उपस्थित 70 प्रतिशत से ऊपर लगातार बनी रही।
उन्होंने बताया कि फरवरी महीने से मई 2025 के मध्य विकासखंड बड़राव के 5 दोहरी घाट के 1, फतेहपुर मंडाव के 3, घोसी के 7, कोपागंज के 2, मोहम्मदाबाद गोहना के 8,परदहा के 5, रानीपुर के 12, रतनपुरा के 7 एवं नगर क्षेत्र के कुल 11 विद्यालयों में 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति पाई गई।कार्यशाला के दौरान 90 प्रतिशत से ऊपर की उपस्थिति वाले तीन विद्यालयों प्राथमिक विद्यालय मांउर भोज, प्राथमिक विद्यालय नगरीपार तथा कंपोजिट विद्यालय गोकुलपुरा के प्रधानाध्यापकों द्वारा विद्यालय में नामांकन बढ़ाने तथा छात्र उपस्थित 90 प्रतिशत से ऊपर रखने के संबंध में किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यालयों के कुछ प्रधानाध्यापकों द्वारा नामांकन एवं छात्र उपस्थिति बढ़ाने हेतु किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने छात्र नामांकन बढ़ाने तथा छात्र उपस्थित 90 प्रतिशत ऊपर वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानाध्यापक /प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने रोल का महत्व समझे। लीडर बनकर खुद उदाहरण पेश करें।इसके अलावा शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें एवं बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार शैक्षिक गतिविधियों में शामिल करें जिससे बच्चों का मन विद्यालय में लगे एवं उनमें शिक्षा के प्रति लगाव उत्पन्न हो।
उन्होंने कम उपस्थिति वाले प्रधानाध्यापकों को एक महीने पूरे मनोयोग से मेहनत करने को कहा साथ ही साथ शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा छात्र उपस्थित एवं नामांकन बढ़ाने हेतु विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक महीने में बेहतर परिणाम आएंगे और आप खुद गौरवान्वित महसूस करेंगे। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने भी बेहतर कार्य करने वाले प्रधानाध्यापकों से सीख लेने को कहा तथा पूरे मनोयोग से कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कायाकल्प के तहत विद्यालयों में लगभग शत प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं।इन मूलभूत भौतिक सुविधाओं को मेंटेंन रखें। किसी प्रकार की समस्या आने पर खंड विकास अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित करे। उन समस्याओं को तत्काल दूर किया जाएगा।इसके अलावा उन्होंने शैक्षिक गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जिससे अभिभावकों का परिषदीय स्कूलों पर विश्वास बढ़े। उन्होंने समय के साथ-साथ अपने में बदलाव लाने को भी कहा जिससे परिषदीय विद्यालयों में अध्यनरत छात्रों के साथ तालमेल बनाकर उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा कर उनकी उपस्थिति एवं नामांकन में वृद्धि की जा सके।
इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय के अलावा समस्त खंड शिक्षा अधिकारी तथा अन्य प्रधानाध्यापक भी उपस्थित रहे।
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