बाल मुक्त भारत अभियान के तहत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की दी गई जानकारी
हमीरपुर। जनपद न्यायाधीश मनोज कुमार राय के निर्देशानुसार अवतार मेहेर बाबा हाईस्कूल हमीरपुर में बाल मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह से होने वाले नुकसान एवं उनको रोके जाने की व्यवस्था तथा पोक्सो अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई।
सचिव द्वारा बताया गया कि बाल विवाह करने व कराने वाले तथा उत्प्रेरित करने वाले व्यक्ति को 2 वर्ष की तक की सजा व एक लाख रूपये तक के जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है। जितना दोषी बाल विवाह करने वाला है उतना ही दोषी बाल विवाह करने, कराने वाला व्यक्ति या संस्था या पण्डित, मौलवी, पादरी या अन्य कोई भी हो वह भी है।
इस अवसर पर सचिव द्वारा बाल विवाह रोके जाने हेतु नालसा द्वारा चलायी जा रही योजना ‘‘आशा‘‘ के तहत जारी एस0ओ0पी0 पर भी चर्चा की गयी। उन्होंने कहा गया कि बाल विवाह एक तरह की सामाजिक बुराई है, जिसे दूर करने के लिये समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा तभी हम एक स्वस्थ भारत एवं विकसित भारत का निर्माण करने में सक्षम हो सकेगे।
इस अवसर पर स्कूल के प्रबंधक, अध्यापकगण, जिला प्रोबेशन से शशि तिवारी व उनकी टीम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से कार्यालय लिपिक मो0 असलम व परा विधिक स्वयं सेवक छाया प्रजापति, नीरज विश्वकर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
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