मोबाइल लाइब्रेरी ज्ञान और संस्कार की संस्कृति को दे रही नई गति - आर.के. कुरील
अलीगढ़, संवाददाता। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया द्वारा विकास भवन परिसर में आयोजित मोबाइल लाइब्रेरी एवं पुस्तक प्रदर्शनी का सोमवार को परियोजना निदेशक, डीआरडीए आर.के. कुरील एवं सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अवलोकन कर इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक आर.के. कुरील ने कहा कि पुस्तकें केवल जानकारी का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, चिंतन और व्यक्तित्व विकास की सशक्त आधारशिला हैं। पुस्तकें मनुष्य को सही दिशा प्रदान करती हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल लाइब्रेरी जैसी पहल युवाओं में अध्ययन की रुचि विकसित करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।
सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट की यह चलती-फिरती लाइब्रेरी उत्कृष्ट एवं बहुविषयक पुस्तकों को विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों तक सहज रूप से पहुंचाने का अभिनव प्रयास है। इसका उद्देश्य समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को सशक्त बनाना, युवाओं में अध्ययन के प्रति रुचि जागृत करना और उन्हें ज्ञान और नवाचार से जोड़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने और पुस्तकों को अपना नियमित साथी बनाने का आह्वान किया।
मोबाइल लाइब्रेरी में साहित्य, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सामाजिक विज्ञान, भारतीय संस्कृति, सामान्य ज्ञान, कौशल विकास तथा प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अनेक विषयों की पुस्तकें प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी में पहुंचे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पुस्तकों का अवलोकन कर इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी पहल बताया। इवेंट कोऑर्डिनेटर ए0 तिवारी ने बताया कि मंगलवार को यह चलती फिरती लाइब्रेरी एएमयू का हिस्सा बनेगी।
कार्यक्रम में अरुण चौबे, सुशील कुमार, ब्रह्मपाल, तेजप्रकाश, मनोरमा सिंह, नीरज, दिनेश सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
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