हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 लोगों की मौत
हमीरपुर, संवाददाता। जिले की बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर चक्रवाती तूफान से ढहने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रशासन के आंधी तूफान के अलर्ट के बाद भी यहां दिन रात पुल में मजदूर काम कर रहे थे। चक्रवाती तूफान जैसे ही आया तो बिना कसाव के रखे गए लांच पैड (स्ट्रक्चर) ताश के पत्ते की तरह उड़कर बिखर गए।
हादसे में जहां छह लोगों की मौत हुई वहीं सरकार को भी एक करोड़ रुपये का झटका लगा है। हादसे में योगी सरकार के संज्ञान लेने के बाद उत्तर प्रदेश बिज्र कारेपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने यहां आकर जांच शुरू कर दी है।
तीन साल पहले मिली थी पुल निर्माण की मंजूरी
उल्लेखनीय है कि हमीरपुर के रहने वाले राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयासों से ललपुरा और कुरारा थाने के मध्य बेतवा नदी में एक नए पुल बनाने की मंजूरी योगी सरकार ने दी थी। तीन साल पहले पुल निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद कानपुर के विजय सिंह की प्राइवेट लिमिटेड पुल को बनाने के लिए तकनीकी कर्मियों और बड़ी संख्या में मजदूरों को लगाया था।
लांच पैड ढहने से 6 लोगों की मौत
हमीरपुर सेतु निगम के एई पंकज कुमार ने बताया कि 900 मीटर से अधिक लम्बे पुल में तेरह पिलर (कोठी) बनाई गई है। पिलरों का काम कंपलीट हो चुका है। इन पिलरों में आधुनिक तरीके से लांच पैकेट रखने का काम तेजी से कराया जा रहा था। दो शिफ्टों में यह काम चल रहा था। लेकिन चक्रवाती तूफान में लांच पैड ढहकर नीचे आ गिरा, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई है। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराकर पिलरों में फंसे तीन मजदूरों को कड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया।
हादसे के बाद डीएम अभिषेक गोयल, एसपी मृगांग शेखर पाठक, एएसपी एके वर्मा, एसडीएम सदर और सीओ सदर के अलावा सेतु निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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