राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक एक्सरसाइज-2026 का हुआ सफल आयोजन
हमीरपुर, संवाददाता। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जनपद में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक एक्सरसाइज-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से बाढ़ आपदा की संभावित परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपसी समन्वय की प्रभावशीलता का व्यापक परीक्षण किया गया।
मॉक एक्सरसाइज का संचालन अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) एवं इंसीडेंट कमांडर राकेश कुमार के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा, उप जिलाधिकारी अभिषेक कुमार, तहसीलदार वीरपाल सिंह, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ प्रियेश रंजन मालवीय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अभ्यास के अंतर्गत केसरिया का डेरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की काल्पनिक सूचना प्राप्त होने पर पूर्व चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करते हुए प्रभावित परिवारों की सुरक्षित निकासी का प्रदर्शन किया गया। राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, होमगार्ड एवं आपदा मित्रों ने समन्वित प्रयासों से राहत एवं बचाव कार्यों का सफल संचालन करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
इसी क्रम में बेतवा पुल के नीचे एक व्यक्ति के डूबने की सूचना पर पुलिस, पीएसी बाढ़ राहत दल, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, गोताखोरों एवं आपदा मित्रों द्वारा संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। रेस्क्यू टीम ने व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार प्रदान किया तथा तत्पश्चात उपचार हेतु फील्ड हॉस्पिटल भेजा गया।
मॉक एक्सरसाइज में आपदा मित्रों की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने जन-जागरूकता, सुरक्षित निकासी, खोज एवं बचाव अभियान, राहत शिविर प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राहत शिविर में पंजीकरण, मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में भी उनकी सहभागिता सराहनीय रही।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुछेछा में स्थापित फील्ड हॉस्पिटल का संचालन स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। बाढ़ प्रबंधन के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक के नेतृत्व में चिकित्सकीय दल ने घायलों के पंजीकरण, ट्रायेज, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, औषधि वितरण तथा रेफरल व्यवस्था का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित चिकित्सा एवं आपातकालीन उपचार व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे अभ्यास का महत्वपूर्ण एवं सफल घटक बताया।
इसके अतिरिक्त राहत शिविर में प्रभावित व्यक्तियों के पंजीकरण, भोजन एवं पेयजल उपलब्धता, राहत सामग्री वितरण तथा स्वच्छता प्रबंधन का प्रदर्शन किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अस्थायी बाढ़ कैम्प स्कूल तथा पशुपालन विभाग द्वारा पशु राहत एवं चिकित्सा शिविर का भी सफल संचालन किया गया।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान स्थापित स्टेजिंग एरिया में जेसीबी, एम्बुलेंस, जनरेटर, पेयजल टैंकर सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं तैनाती का प्रदर्शन किया गया। साथ ही ड्रोन सर्विलांस, संचार व्यवस्था, मीडिया समन्वय एवं सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया।
अभ्यास के समापन पर आयोजित डी-ब्रीफिंग सत्र में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट की समीक्षा की गई तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में और अधिक प्रभावी एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक सुझावों एवं सुधारात्मक उपायों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने मॉक एक्सरसाइज में सहभागी सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, आपदा मित्रों एवं स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाने, विभागीय समन्वय को बेहतर करने तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि एवं क्षति को न्यूनतम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जनपद प्रशासन किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है।
मॉक एक्सरसाइज के सफल आयोजन ने जनपद में बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा राहत एवं बचाव तंत्र की दक्षता को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।
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