पिछड़ेपन के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पहलुओं का होगा समग्र अध्ययन - न्यायमूर्ति राम औतार सिंह
अलीगढ़, संवाददाता। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलैक्ट्रेट सभागार में जिले में पिछड़ेपन की स्थिति के अध्ययन के लिए बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर आयोग को महत्वपूर्ण सुझाव एवं जानकारियां उपलब्ध कराईं।
न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण से संबंधित तथ्यों का गहन अध्ययन कर जनसुझावों एवं आपत्तियों के आधार पर सरकार को संस्तुतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
सदस्य बृजेश कुमार ने बताया कि 1994 में पिछड़ा वर्ग में 79 जातियों को सम्मिलित किया गया था। वर्तमान व्यवस्था के आधार पर पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत तक का आरक्षण दिया जा रहा है। सुझाव एवं सुनवाई के दौरान सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा, एस0पी0 सिंह, अरविन्द कुमार चौरसिया द्वारा भी जनप्रतिनिधियों से उनकी राय जानी गई।
बैठक में जनप्रतिनिधियों से प्रश्नोत्तर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ेपन के कारणों, स्थानीय निकायों में ओबीसी की भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति का आकलन प्रमाणिक तथ्यों एवं जनसहभागिता के आधार पर किया जाना आवश्यक है। आयोग प्राप्त सुझावों एवं सूचनाओं को संकलित कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से निष्पक्ष एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की भी अपील भी की।
मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि जिला अलीगढ़ 3650 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या 2285065 है। जिले में 05 तहसीलें, 12 विकासखण्ड और 852 ग्राम पंचायतें, क्षेत्र पंचायतों की संख्या 12 और जिला पंचायत के अन्तर्गत 46 वार्ड आते हैं। अध्यक्ष जिला पंचायत विजय सिंह ने बताया कि जिला पंचायत में पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों की संख्या 1198111 है जो कुल जनसंख्या का 52.43 प्रतिशत है। जिलें में 46 के सापेक्ष 12 जिला पंचायत सदस्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अध्यक्ष एवं समिति के सदस्यों का पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर पीडी डीआरडीए आर0के0 कुरील, डीपीआरओ यतेन्द्र कुमार सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत श्याम बहादुर शर्मा समेत सभी खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
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