राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में हुई शल्य चिकित्सा अनुदान समिति की बैठक
लखनऊ, संवाददाता। दिव्यांगजन सशक्तिकरण व पिछड़ा वर्ग कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में गुरूवार को विधान सभा स्थित उनके सरकारी कार्यालय में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की शल्य चिकित्सा अनुदान समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में मंत्री नरेन्द्र कश्यप को बताया गया कि कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए 340 आवेदन प्राप्त हुऐ हैं, जिनमें से 200 के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है लेकिन शेष का भी लाभान्वित करने हेतु और धनराशि की आवश्यकता होगी जिसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और अनुमान है कि वांछित धनराशी शीघ्र मिल जायेगी और भविष्य में प्राप्त होने वाले कुछ और आवेदनों को भी इसमें सम्मिलित किया जायेगा ताकि वह भी इस योजना का लाभ उठा सकें।
मंत्री को बताया गया कि कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के बाद स्पीच थिरैपी बहुज आवश्यक है। स्पीच थिरैपी न होने पर इस शल्य चिकित्सा को अपूर्ण ही समझना चाहिए। मंत्री को बताया गया कि इस शल्य चिकित्सा पर सरकार 05 से 06 लाख रूपये व्यय करती है और सर्जरी के बाद स्पीच थिरैपी न होने पर लाभार्थी को वांछित लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है क्योंकि स्पीच थिरैपी हर मण्डल यह जनपद स्तर पर स्थित अस्पताल में यह स्पीच थिरैपी उपलब्ध नहीं है। सरकार अनुदान पर शल्य चिकित्सा प्राप्त करने वालों के लिए ऐसे जनपदों में जाना और वहां रहना-खाना बहुत मंहगा है, जो इन परिवारों के लिए संभव नहीं है। इस मुद्दे पर मंत्री ने प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह को निर्देश दिये कि ऐसा प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिससे कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के बाद उन लाभार्थियों को वहीं पर स्पीच थिरैपी की सुविधा उपलब्ध करायी जा सके।
प्रमुख सचिव राजेश सिंह ने मंत्री को बताया कि डी0डी0आर0सी0 मण्डल स्तर पर स्थापित होने पर इस समस्या का समाधान हो जाएगा। श्री कश्यप जी ने कहा कि प्रत्येक कमिश्नरी में कम से कम एक अस्पताल पैनल में एैसा हो जहां यह सुविधा उपलब्ध हो।
बैठक में दिव्यांगजन सशक्तिकरणर विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक रणजीत सिंह के अतिरिक्त अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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