जाम में जकड़ा उतरौला: स्कूल के बच्चे से लेकर आमजन तक हर कोई परेशान
उतरौला (बलरामपुर), संवाददाता। नगर की सड़कों पर इन दिनों जाम ने जैसे स्थायी डेरा डाल लिया है। सुबह की शुरुआत से लेकर देर रात तक शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी रोजाना इस समस्या का सबसे अधिक खामियाजा भुगत रहे हैं।
सुबह जब बच्चे स्कूल के लिए निकलते हैं, तो उन्हें जाम में फंसकर देर तक इंतजार करना पड़ता है। मासूम बच्चे भारी बस्ते के साथ भीषण गर्मी में खड़े नजर आते हैं। दोपहर में छुट्टी के समय स्थिति और भी विकट हो जाती है। तेज धूप में पसीने से लथपथ बच्चे जाम खुलने का इंतजार करते हैं, जिससे उनकी सेहत पर भी असर पड़ रहा है।
नगर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे से लेकर गौसिया स्कूल तक, कारगिल मार्केट से ज्वाला महारानी मंदिर और गोंडा मोड़ तक जाम की समस्या सबसे अधिक विकराल रूप ले चुकी है। इन मार्गों पर कभी-कभी जाम खुलने में एक घंटे तक का समय लग जाता है, जिससे लोगों का समय तो बर्बाद होता ही है, साथ ही जरूरी काम भी प्रभावित होते हैं।
जाम की इस समस्या के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। सड़क किनारे अवैध रूप से सजी दुकानें, अतिक्रमण और अनियंत्रित ऑटो-रिक्शा संचालन प्रमुख कारणों में शामिल हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे पर टेलीकॉम की दुकानों का फैलाव और बाजार क्षेत्र में सड़क तक फैली दुकानें मार्ग को संकरा बना रही हैं। वहीं ऑटो-रिक्शा चालक मनमाने तरीके से कहीं भी वाहन खड़ा कर सवारियां बैठाने-उतारने लगते हैं, जिससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और जाम की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है। लोगों ने मांग की है कि अतिक्रमण हटाया जाए, ऑटो-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टैंड बनाए जाएं और ट्रैफिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।
नगरवासियों की उम्मीदें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि जाम के इस झंझट से राहत मिल सके और शहर की रफ्तार फिर से सामान्य हो सके।
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