सीएम योगी ने जनपद गाजीपुर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की 692 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 268 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

Jul 30, 2026 - 19:02
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सीएम योगी ने जनपद गाजीपुर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की 692 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 268 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

गाजीपुर, संवाददाता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गाजीपुर सहित सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश विकास के नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हम सभी को नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के विकास का सारथी बनना चाहिए। हमें विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गाजीपुर के निर्माण की दिशा में कार्य करना होगा। यदि प्रदेश के युवा, किसान, बेटियां तथा व्यापारी 10 कदम आगे बढ़ेंगे, तो डबल इंजन सरकार 100 कदम आगे बढ़कर आपका साथ देगी। 

मुख्यमंत्री गुरूवार को जनपद गाजीपुर में गाजीपुर, जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानियां, जहूराबाद तथा जंगीपुर विधानसभा क्षेत्रों की 692 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, स्वीकृति पत्र तथा प्रमाण पत्र आदि प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन, महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया। 

सीएम योगी ने कहा कि हमें नए भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ना होगा। अपने गौरवशाली अतीत की ओर पुनः देखना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रदान किया है। हमें आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाना होगा। भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में बेटियों और बहनों को भी योगदान देना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमें केवल चार जातियों पर विश्वास करना चाहिए। यह चार जातियां गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाएं और युवा हैं। 

प्रदेश के युवा असीम ऊर्जा और प्रतिभा से परिपूर्ण हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप योजना, प्रधानमंत्री स्टैण्ड-अप योजना तथा डिजिटल भारत योजना आदि के माध्यम से उन्हें उचित प्लेटफॉर्म मिला है। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरीे दी गयी है। अन्नदाता किसानों को बिना भेदभाव फसल ऋण माफी कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।   

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज गाधि की पावन धरा गाजीपुर को मां गंगा की पावन धारा अभिसिंचित करती है। यह धरा ऋषि-मुनियों की तप-साधना से पवित्र है। यहां की धरती सदैव राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा की केन्द्र बिन्दु रही है। रामायण काल में महर्षि विश्वामित्र ने राष्ट्र रक्षा यज्ञ के लिए इसी पावन धरा का चयन किया। तुलसीदास जी ने बहुत रोचक शब्दों में उल्लेख किया है कि ‘गाधि तनय मन चिन्ता व्यापी, हरि बिनु मरहि न निश्चर पापी।’ जिस समय रावण राज के राक्षस सम्पूर्ण क्षेत्र में नगरों को उजाड़ रहे थे। लूट-पाट व नागरिकों की हत्या कर रहे थे। उस समय महाराज गाधि के पुत्र विश्वामित्र ने इस समस्या के समाधान के लिए भगवान श्रीराम तथा उनके अनुज लक्ष्मण को यहां लाने का संकल्प किया। प्रभु श्रीराम तथा लक्ष्मण ने ताड़का, सुबाहु तथा मारीच जैसे राक्षसों का वध कर इस क्षेत्र को राक्षसों से मुक्त किया।

उन्होंने कहा कि गाजीपुर ने रामायण काल में राक्षसों के आतंक, लूट-खसोट व अराजकता के विरुद्ध शंखनाद किया था। यहां के युवाओं ने आजादी के आन्दोलन तथा स्वतंत्र भारत की सीमाओं की रक्षा करने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। 12,000 से अधिक वर्तमान सैनिक और सैन्य अधिकारी तथा 15,000 से अधिक अवकाश प्राप्त सैनिक और सैन्य अधिकारी केवल यहां के गहमर गांव में निवास करते हैं। यह गांव एशिया का सबसे बड़ा गांव माना जाता है। यहां के रणबांकुरों ने सन् 1948, 1962, 1965, 1971, 1999 के युद्ध तथा गत वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन का डटकर मुकाबला किया।

सीएम योगी ने कहा कि सन् 1857 के स्वातन्त्र्य समर में मेघर सिंह का नाम सुनकर के अंग्रेजों की रूह कांपती थी। वह इसी धरती से थे। डॉक्टर शिव पूजन राय तथा भगवत मिश्र आदि स्वाधीनता सेनानियों ने देश के स्वाधीनता आन्दोलन में अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया था। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा गठित आजाद हिन्द फौज से गाजीपुर के दर्जनों युवाओं ने जुड़कर भारत की आजादी की अलख को आगे बढ़ाने का कार्य किया था। सन् 1965 के युद्ध में पाकिस्तान के टैंक को ध्वस्त करने वाले बहादुर जवान वीर अब्दुल हमीद ने इसी धरा पर जन्म लिया था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सन् 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने शौर्य का परिचय देने वाले शहीद राम उग्रह पाण्डेय भी इसी पावन धरा से थे। उन्हें मरणोपरान्त महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। यहां राष्ट्र रक्षा व राष्ट्र भक्ति की समृद्ध परम्परा रही है। यह जनपद साहित्यिक क्षेत्र में भी अग्रणी रहा है। यहां के विद्वान कुबेरनाथ राय हिन्दी साहित्य के प्रतिष्ठित ललित निबन्धकार थे। गोपाल राम ‘गहमरी’ ने 200 से अधिक उपन्यास लिखे थे।

उन्होंने कहा कि गाजीपुर में स्पिरिचुअल टूरिज्म से जुड़े स्थलांे का पुनरुद्धार हो रहा है। गाजीपुर लहुरी काशी के रूप मंे जाना जाता है। यहां का आध्यात्मिक महत्व है। माँ गंगा द्वारा सम्पूर्ण जनपद को धनुषाकार आकृति में अभिसिंचित किया जाता है। यहां पर पहाड़ी बाबा का आश्रम है। यह जनपद भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि की स्थली है। 

सीएम योगी ने कहा कि जो देश व समाज अपने राष्ट्र नायकों को सम्मान देता है, वही आगे बढ़ता है। जो अपने राष्ट्र नायकों का अपमान करता है, आक्रान्ताओं का सम्मान करता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता। डबल इंजन सरकार राष्ट्र नायकों का सम्मान करती है। महाराजा सुहेलदेव ने आक्रान्ता सालार मसूद को बहराइच के चित्तौरा नामक स्थान पर पराजित किया था। पिछली सरकारों ने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर कोई आयोजन नहीं होने दिया। आज बहराइच में महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में मेले का आयोजन किया जाता है। वहां उनके स्मारक तथा भव्य प्रतिमा की स्थापना की गई है। 

महाराजा सुहेलदेव के नाम पर बहराइच में मेडिकल कॉलेज तथा आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री और जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर व पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने गाजीपुर से आनन्द विहार तक सुहेलदेव सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन करने के साथ ही, महाराजा सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट भी जारी किया था। उन्होंने कहा कि अब गाजीपुर को चारों ओर फोर-लेन कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है। गाजीपुर से लखनऊ की दूरी तीन घण्टे में पूरी की जा सकती है। पहले इस दूरी को पूरा करने में 08 से 10 घण्टे लगते थे। गाजीपुर से वाराणसी, लखनऊ तथा गोरखपुर जाने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तथा वाराणसी-गोरखपुर हाई-वे की सहायता ली जा सकती है। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि गाजीपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को चन्दौली व वाराणसी से जोड़ते हुए शक्ति नगर तक ले जाया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गाजीपुर को 692 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी जा रही है। आज जिन योजनाओं का लोकार्पण किया जा रहा है, इनमें सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट फेज 01 व फेज 02, ग्राम गोड़उर में राजकीय आई0टी0आई0 कॉलेज, ड्रग वेयर हाउस तथा तहसील कासिमाबाद के आवासीय भवन का निर्माण आदि सम्मिलित है। यहां अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जा रहा है। आज से 10 वर्ष पूर्व यदि गाजीपुर के युवा कही बाहर जाते थे, तो उन्हें उपेक्षा भरी दृष्टि से देखा जाता था। आज यदि यहां का युवा देश-दुनिया में जाता है, तो वहां के लोग उत्तर प्रदेश व गाजीपुर का नाम सुनते ही, उसके स्वागत को आतुर दिखायी देते हैं। उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्थाा से पर्व व त्योहार शान्तिपूर्वक मनाए जाते हैं। बेटी और व्यापारी सुरक्षित हैं। 

सीएम योगी ने कहा कि जनपद में 225 करोड़ रुपये की लागत से महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया जा चुका है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजना के अन्तर्गत कार्य, 06 पशु चिकित्सालियों के भवनों, पर्यटन विकास की 06 परियोजनाओं और बाढ़ अवरोधक कार्यों का भी लोकार्पण किया जा चुका है। 04 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में एकेडमिक ब्लॉक और छात्रावास के निर्माण का कार्य सम्पन्न हो चुका है। यहां के मेडिकल कॉलेज में बालिकाओं के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की गयी है। पुलिसकर्मियों के लिए बैरेक और हॉस्टल का निर्माण किया गया है। अलग-अलग चौकियों व थानों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। 

यहां मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। अमृत योजना के अन्तर्गत अनेक पेयजल और सीवरेज योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम हो रहा है। यहां के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जिन विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे जाएंगे, प्रदेश सरकार उन्हें त्वरित गति से आगे बढ़ाएगी। 

सीएम योगी ने कहा कि सभी जरूरतमन्दों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें आवास, शौचालय, निःशुल्क राशन, आयुष्मान, रसोई गैस कनेक्शन तथा निजी ट्यूबवेल के लिए निःशुल्क बिजली आदि सुविधाएं सम्मिलित हैं। पी0एम0 सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से बिजली का बिल आधे से भी कम हुआ है।

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के 09 लाख से अधिक युवाओं को बिना भेदभाव सरकारी नौकरी दी गई है। प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण अपराधियों तथा माफियाओं के हौसले पस्त हैं। विगत 09 वर्षांे में प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ है।  

स्टाम्प, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश विकास के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। पहले गाजीपुर की पहचान यहां के अपराधियों से होती थी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की कानून-व्यवस्था अत्यन्त सुदृढ़ हुयी है। जीरो टॉलरेन्स नीति के माध्यम से माफियाओं तथा अपराधियों को कठोर सजा देने का काम किया जा रहा है। 

कार्यक्रम में गाजीपुर के विकास से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल तथा विधायक बेदीराम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

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