जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं जनपदीय बाल श्रम उन्मूलन समिति की बैठक सम्पन्न
आजमगढ़, संवाददाता। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं जनपदीय बाल श्रम उन्मूलन समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु विभिन्न विभागों, नियोक्ता संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं एवं श्रमिक संगठनों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा संशोधित अधिनियम, 2016 के प्राविधानों की समीक्षा करते हुए बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रभावी एवं समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी ही नहीं बल्कि सामाजिक एवं नैतिक दृष्टि से भी गंभीर विषय है, जिसके उन्मूलन के लिए सभी संबंधित विभागों एवं समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि विगत 12 जून, अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। इस अभियान के माध्यम से आमजन को बाल श्रम के दुष्परिणामों एवं इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
आलोच्य वर्ष 2026-27 में जनपद में बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन की प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया गया तथा चिन्हांकन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी जोर दिया गया कि चिन्हित बाल एवं किशोर श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए तथा उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
बाल श्रम उन्मूलन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के दायित्वों एवं कार्यों की समीक्षा करते हुए आपसी समन्वय को और मजबूत बनाने पर बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाल श्रमिकों की पहचान, बचाव, पुनर्वास एवं शिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए।
बैठक में चिन्हित बाल एवं किशोर श्रमिकों के परिवारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किए जाने तथा उनके शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल औपचारिकता न होकर बच्चों एवं उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए नियमित अभियान चलाते हुए जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए तथा प्रत्येक चिन्हित बाल श्रमिक को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में समिति के सदस्यगण, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में उप श्रमायुक्त राजीव सिंह, सहायक श्रमायुक्त पवन कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ0 आलेंद्र, तहसीलदार लालगंज उमेश सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव, समस्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?