सीडीओ ने जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीपीओ एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दायित्वों के प्रति किया सचेत, धरातल पर प्रभावी कार्य के दिए निर्देश

Sep 28, 2026 - 20:58
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सीडीओ ने जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीपीओ एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दायित्वों के प्रति किया सचेत, धरातल पर प्रभावी कार्य के दिए निर्देश

अलीगढ़, संवाददाता। जिला पोषण समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने शासन की मंशा के अनुरूप पोषण एवं बाल विकास सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए सीडीपीओ एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसी क्रम में बेहतर कार्य करने वाली कार्यकत्रियों के उनके ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर फोटो लगाए जाएंगे, ताकि उनके कार्य को पहचान और सम्मान मिल सके।

सीडीओ ने कहा कि जब कोई व्यक्ति बेहतर कार्य करता है तो उसके कार्य को सार्वजनिक रूप से परिलक्षित और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अच्छे कार्य की प्रशंसा से संबंधित व्यक्ति का उत्साह बढ़ता है और वह भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होता है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी के0 के0 राय को उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को चिन्हित कर इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीडीपीओ अतरौली तनुजा, सीडीपीओ गंगीरी विष्णु एवं सीडीपीओ इगलास राहुल सहित दो सीडीपीओ एवं चार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों श्वेता शर्मा, ममता गुप्ता, अर्चना एवं सुनीता देवी आदि ने अपने कार्यों के बेहतर संचालन से संबंधित प्रस्तुतियां दीं। सीडीओ ने प्रस्तुतियों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीडीपीओ अपने अधीनस्थ आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित अनुश्रवण करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचे। 

उन्होंने आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ड्îू लिस्ट को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि आगामी टीकाकरण कार्यक्रम में किसी भी पात्र बच्चे के छूटने की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय वास्तविक उपलब्धियों पर ध्यान देना शासन और आमजन दोनों के हित में है।

मुख्य विकास अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने पेयजल, शौचालय, विद्युत सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से वंचित केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्रों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य कुपोषित बच्चों को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ बनाना है। ऐसे में पात्र बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र तक पहुंचाने और उपचार एवं पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सीडीओ ने नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोलने वाीे आंगनबाड़ी के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन और बच्चों एवं लाभार्थियों को सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की गई है, ऐसे में उन्हें सौंपे गए दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण कांत राय ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 2,330 लाभार्थियों के सापेक्ष 2,137 का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है और 2,088 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। सीडीओ ने योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आंकड़ों की जननी सुरक्षा योजना के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि योजना के वास्तविक आच्छादन की स्थिति स्पष्ट हो सके और पात्र लाभार्थियों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

रॉकेट लर्निंग से डीसी अमता रिहान शमसी एवं रिजवान खान ने बताया कि रॉकेट लर्निंग के माध्यम से अभी 03 वर्ष से 06 वर्ष तक आयुवर्ग के बच्चों के लिए कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया जाता है। जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 0 से 03 वर्ष तक आयुवर्ग वाले बच्चों के लिए अलीगढ़ शहर परियोजना में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे 06 माह तक के बच्चों में दिव्यांगता के लक्षणों की पहचान कर उसका निदान संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि रॉकेट लर्निंग की रैंकिंग में जुलाई की रैंक जहां 46 थी वहीं अब सुधार होकर 39 हो गई है।

सीडीओ ने कहा कि पोषण, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं सीधे जनहित से जुड़ी हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी यह सुनिश्चित करे कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ पहुंचे। सीडीओ ने नव चयनित आंगनवाड़ी एवं सहायिकाओं का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कराने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर सीडीओ ने चारो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित भी किया।

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