अमेठी के पर्यटन मानचित्र पर छाएगा बाबा महावीर दास मंदिर
अमेठी, संवाददाता। सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार में मुसाफिरखाना क्षेत्र के ग्राम नारा स्थित बाबा महावीर दास मंदिर को पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नया स्वरूप मिलने जा रहा है। 96.41 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस पर्यटन विकास कार्य से धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मंदिर परिसर पर्यटन की दृष्टि से और आकर्षक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं के अंतर्गत अमेठी के कई धार्मिक स्थलों पर विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनपद अमेठी के ग्राम नारा, मुसाफिरखाना स्थित बाबा महावीर दास मंदिर का पर्यटन विकास कार्य 9 अप्रैल को शुरू हुआ था। अगले वर्ष अप्रैल माह तक निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि वर्तमान में चबूतरे का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि गजेबो (छतरीनुमा संरचना), पेयजल व्यवस्था और यात्री हाल के रेनोवेशन का कार्य प्रगति पर है। ये सुविधाएं श्रद्धालुओं के ठहरने, विश्राम करने और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। इसका मतलब है कि श्रद्धालु अब बेहतर वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकेंगे। पर्यटन विभाग की इस पहल से अमेठी के धार्मिक स्थल प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों की तर्ज पर विकसित हो रहे हैं।
मंदिर परिसर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चबूतरे के पूरा होने से मंदिर के मुख्य क्षेत्र में साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण तैयार हो गया है। गजेबो का निर्माण श्रद्धालुओं को धूप और वर्षा से सुरक्षा प्रदान करेगा, जबकि यात्री हाल के नवीनीकरण से बड़े समूहों के ठहरने की व्यवस्था बेहतर होगी। पेयजल व्यवस्था से स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। अमेठी जैसे क्षेत्रों में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के विकास से न केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पर्यटन विभाग की इन परियोजनाओं से क्षेत्र का समग्र विकास हो रहा है। बाबा महावीर दास मंदिर लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। इसके विकास से मुसाफिरखाना क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी। इस परियोजना से मंदिर परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं का स्तर ऊंचा उठेगा।
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