मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की राज्य स्तरीय समिति की तृतीय बैठक सम्पन्न

Sep 25, 2026 - 20:53
 0  8
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की राज्य स्तरीय समिति की तृतीय बैठक सम्पन्न

लखनऊ, संवाददाता। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आज नारकोटिक्स कंट्रोल एवं समन्वय तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण, नशा मुक्ति एवं जागरूकता अभियान, मादक पदार्थों के निस्तारण तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं तथा चिन्हित हॉट स्पॉट की निरंतर निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि हॉट स्पॉट की संवेदनशीलता कम करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप हरसंभव प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, प्रदेशभर के स्कूलों एवं कॉलेजों में नशा मुक्ति एवं जागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाए।

उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, तस्करी एवं व्यापार के विरुद्ध सघन कार्रवाई करते हुए अधिकतम बरामदगी और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। सभी कमिश्नरेट एवं जनपद अपने-अपने क्षेत्रों में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के स्रोत, नेटवर्क एवं वितरण तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई करें।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति जागरूकता अभियान को निरंतर संचालित किया जाए, ताकि युवाओं एवं आमजन को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके। मादक पदार्थों के निस्तारण की कार्रवाई निर्धारित एसओपी का अनुपालन करते हुए नियमानुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्री-कर्सर रसायनों, एसीटिक एनहाइड्राइड, कंट्रोल्ड सब्सटेंस एवं नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध डायवर्जन की रोकथाम के लिए सख्त निगरानी एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को सख्त ‘ड्रग फ्री जोन’ के रूप में घोषित और लागू कराया जाए। मादक पदार्थों से पीड़ित युवाओं की काउंसलिंग कराकर उनके पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य सचिव ने एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने तथा अवैध मादक पदार्थों से अर्जित संपत्तियों की पहचान एवं जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में आईजी एएनटीएफ अब्दुल हमीद ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 563 जिला स्तरीय गोष्ठियां आयोजित की जा चुकी हैं। पिछले 10 वर्षों के मादक पदार्थ जब्ती संबंधी विश्लेषण के आधार पर 10 प्रमुख हॉट स्पॉट कमिश्नरेट/जनपदों - लखनऊ, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, बरेली, शामली, बाराबंकी, सहारनपुर एवं सोनभद्र - को चिन्हित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में 20 हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,737 अभियोग पंजीकृत, 5,390 अभियुक्त गिरफ्तार तथा 32,768 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। इसी अवधि में एएनटीएफ द्वारा 153 अभियोग पंजीकृत, 340 अभियुक्त गिरफ्तार तथा 8,135.52 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
एएनटीएफ के गठन के पश्चात वर्ष 2022 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में 4,37,902 किलोग्राम मादक पदार्थों का निस्तारण कराया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1,925 करोड़ रुपये है। प्रदेश स्तर पर अब तक लगभग 78 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सर्वाधिक एनडीपीएस अभियोगों वाले शीर्ष 25 जनपदों में विशेष न्यायालयों के लिए कार्मिकों के पद सृजित किए जा चुके हैं तथा न्यायालयों के गठन का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।

बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस, एनसीबी, सीबीएन, एफएसडीए, एफएसएल, डीआरआई, जीएसटी एवं आबकारी विभाग से प्राप्त इनपुट-आउटपुट डेटा के आधार पर तैयार किए गए डैशबोर्ड के प्रारूप की भी जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि जनवरी से जून 2026 तक प्रदेश में 2,642 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 1,50,711 व्यक्तियों को मादक पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई गई। भांग की लाइसेंसी दुकानों की भी नियमित समीक्षा की जा रही है। क्षेत्रीय आवश्यकता के आकलन के आधार पर इनकी संख्या वर्ष 2023-24 में 1,588 से घटकर वर्ष 2026-27 में 1,288 रह गई है।

अवैध अफीम की खेती की सूचना देने के लिए सीबीएन एवं सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा व्हाट्सऐप नंबर 986855002 जारी किया गया है, जिस पर अवैध खेती की फोटो अपलोड करने की सुविधा है। बैठक में बताया गया कि फसल वर्ष 2026-27 के लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया सितंबर 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इसके बाद नवंबर 2026 में बुवाई प्रारंभ होगी तथा जनवरी-फरवरी में सीबीएन द्वारा वितरित लाइसेंसों की पैमाइश एवं जीपीएस कोऑर्डिनेट्स प्राप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow