पौधरोपण के बाद पौधों का संरक्षण और शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग सुनिश्चित करें सभी विभाग - जिलाधिकारी

Oct 27, 2026 - 21:23
 0  8
पौधरोपण के बाद पौधों का संरक्षण और शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग सुनिश्चित करें सभी विभाग - जिलाधिकारी

हमीरपुर (संवाददाता)। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण एवं पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन महोत्सव के दौरान किए गए वृक्षारोपण, पौधों की जियो-टैगिंग एवं संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जुलाई माह में वन महोत्सव के दौरान किए गए वृक्षारोपण की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद में अभी तक लगभग 91 प्रतिशत पौधों की ही जियो-टैगिंग हो सकी है। उन्होंने ग्रामीण जलापूर्ति, नमामि गंगे, कृषि, विद्युत एवं सहकारिता सहित जिन विभागों की जियो-टैगिंग की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, जियो-टैगिंग से संबंधित समस्त डेटा इसी माह पोर्टल पर फीड करने को कहा, ताकि जनपद की रैंकिंग प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पौधरोपण के साथ ही रोपित पौधों का शत-प्रतिशत संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए, जिससे वृक्षारोपण अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके।

उन्होंने कहा कि जनपद में वनावरण छः प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए अधिकाधिक पौधरोपण के साथ उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नदी के किनारों, नालों तथा सड़कों के किनारे उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कराने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय से प्रभावी कार्यवाही करने को कहा।

जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक बताते हुए इसके विरुद्ध कड़ी प्रवर्तन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिकाओं एवं संबंधित विभागों को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने को कहा, ताकि आमजन प्लास्टिक के स्थान पर जूट बैग और कपड़े के थैलों का प्रयोग अपनाएं।

उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि बाजार जाते समय अपने साथ जूट बैग अथवा कपड़े का थैला अवश्य लेकर जाएं तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए जनसहभागिता आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने घर-घर कूड़ा संग्रहण का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने, कूड़े का स्रोत पर ही पृथक्करण (सोर्स सेग्रीगेशन) सुनिश्चित करने तथा ठोस अपशिष्ट का व्यवस्थित निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा, ताकि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखा जा सके।

जिलाधिकारी ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग, नगर निकायों एवं चिकित्सा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर संयुक्त टीम गठित करने को कहा। साथ ही, मौदहा एवं राठ सहित संबंधित क्षेत्रों में बंदरों के लिए उपयुक्त आश्रय स्थल (कपीवन) विकसित करने तथा उनके खान-पान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी संबंधित विभाग निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें तथा जनसहभागिता के माध्यम से जनपद को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रिजवाना शाहिद, उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार तथा जिला पंचायत राज अधिकारी सुबोध जोशी, सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow