निजी अस्पतालों में मरीजों को इलाज के खर्च की मिलेगी पहले से जानकारी
अलीगढ़ (संवाददाता)। निजी अस्पतालों में उपचार, जांच और भर्ती संबंधी शुल्क की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने और मरीजों को इलाज के खर्च के प्रति जागरूक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग जनहित में पहल करेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता कर व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
सीएमओ के अनुसार, निजी चिकित्सा संस्थानों में विभिन्न सेवाओं की दरों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को इलाज शुरू कराने से पहले संभावित खर्च की जानकारी मिल सके। इसके लिए आईएमए के पदाधिकारियों से संवाद कर निजी चिकित्सालयों में प्रदत्त की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की दरों की सूची प्रदर्शित करने सहित अन्य व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
उपचार के दौरान जांच, चिकित्सकीय परामर्श, दवाओं और अस्पताल में भर्ती का खर्च मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। ऐसे में सेवाओं की दरों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होने से मरीज अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार उपचार संबंधी निर्णय ले सकेंगे और बिल को लेकर होने वाली असमंजस की स्थिति भी कम हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य मरीजों के हितों की रक्षा, चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और अस्पताल प्रबंधन एवं मरीजों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देना है। सीएमओ डॉ0 सिंह का कहना है कि आईएमए पदाधिकारियों के साथ प्रस्तावित वार्ता में इन बिंदुओं पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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