मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित

Oct 15, 2026 - 20:58
 0  7
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित

लखनऊ (संवाददाता)। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों के साथ जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के संबंध में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय जनगणना समिति की बैठक आयोजित कर तैयारियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा करें तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करें। 

उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आंकड़ों का उपयोग भविष्य में विभिन्न योजनाओं के निर्माण, संचालन एवं क्रियान्वयन में किया जाएगा। अतः जनगणना के द्वितीय चरण में आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी घर छूटने न पाए तथा जनगणना का कार्य केवल प्रशिक्षित कार्मिकों से ही कराया जाए। एन्यूमरेशन ब्लॉकों की संख्या के अनुरूप एन्यूमरेटर की तैनाती सुनिश्चित की जाए और 10 प्रतिशत अतिरिक्त कार्मिकों को रिजर्व में रखकर उनका भी प्रशिक्षण कराया जाए। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि फील्ड स्तर पर कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

प्रशिक्षण एवं तैयारियों की समयसीमा निर्धारित करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 20 अक्टूबर से पूर्व तथा एन्यूमरेटरों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण अधिकतम 14 नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। विशेष प्रभारों के लिए प्रशिक्षण 16 से 28 नवंबर के बीच आयोजित किया जाए।

मुख्य सचिव ने स्वगणना को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर जनगणना के प्रति जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएं। सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में स्वगणना के विकल्प के बारे में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आमजन को जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकें। माननीय जनप्रतिनिधियों एवं जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों से स्वगणना कराते हुए उनके संदेश रिकॉर्ड कराए जाएं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। पूजा पंडालों सहित सभी सार्वजनिक मंचों, बैठकों एवं अन्य जनसमूह वाले आयोजनों में भी जनगणना-2027 की घोषणा एवं स्वगणना संबंधी जानकारी प्रसारित की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष एन्यूमरेशन अभियान 16 से 30 नवंबर तक निर्धारित थीम आधारित दिवसों के अनुरूप संचालित किया जाए। स्लम क्षेत्रों का चिन्हांकन स्लम क्षेत्र अधिनियम, 1956 में दी गई परिभाषा के अनुसार ही किया जाए। इसके साथ ही शीतलहर की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कोल्ड वेव एडवाइजरी जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम चरण में समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य संपन्न कराने के लिए मुख्य सचिव एस.पी. गोयल के नेतृत्व में कार्यरत समूचे प्रशासनिक तंत्र की सराहना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में जिस उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति, समन्वय एवं टीम भावना का प्रदर्शन किया गया है, उसे द्वितीय चरण में भी बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश एवं प्रदेश के विकास की भावी योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं। इसलिए आंकड़ों के संकलन में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पर्याप्त समय उपलब्ध है, अतः अनावश्यक जल्दबाजी से बचते हुए प्रत्येक घर को कवर करना, प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करना तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने स्वगणना के विकल्प को भी व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने पर बल दिया।

बैठक में उत्तर प्रदेश में जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण विभाग की निदेशक शीतल वर्मा ने जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों, कार्यप्रणाली एवं निर्धारित समयसीमा के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में जनसंख्या की गणना का फील्ड कार्य 01 दिसंबर, 2026 से 04 जनवरी, 2027 तक किया जाना है। इससे पूर्व 16 नवंबर से 30 नवंबर, 2026 तक प्रदेश के निवासियों के लिए स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं तथा अपने परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। 

स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत संबंधित परिवार के लिए एक विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या अर्थात   SE ID (Self-Enumeration ID) सृजित होगी। परिवार इस पहचान संख्या को सुरक्षित रखकर जनगणना कर्मी के फील्ड कार्य के समय उपलब्ध करा सकेंगे, जिससे प्रगणक द्वारा दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन किया जा सके और उसे संबंधित गणना ब्लॉक (EB) में अंतिम रूप से दर्ज किया जा सके।

जनगणना के दौरान आमजन द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत जानकारी Census Act 1948 के अन्तरगत गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग निर्धारित जनसांख्यिकी  उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत आमजन या सामान्य निवासी से किसी प्रकार का दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की मांग नहीं की जाएगी। आमजन जनगणना कर्मियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक जानकारी प्रदान करें। 

उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभार के लिए एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) के आधारभूत जनसंख्या आंकड़ों की सूची व्यवस्थित रूप से तैयार रखी जाए तथा पीई (पॉपुलेशन एन्यूमरेशन) की जनसंख्या का आकलन एचएलओ जनसंख्या के आधारभूत आंकड़ों से कम न हो। सभी प्रभारों को आरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाए तथा प्रत्येक तहसील में राजस्व ग्रामों का क्रम भी इसी प्रकार सुनिश्चित किया जाए, जिससे अभिलेखों के रखरखाव, निगरानी एवं कार्य निष्पादन में सुविधा रहे।

बैठक का संचालन सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश ने किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एस.वी.एस. रंगाराव. सचिव, माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow